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छेड़खानी की शिकायत पर उन्नाव पुलिस का जवाब: ‘रेप हुआ तो नहीं जब होगा तब देखेंगे’

तर्कसंगत

Image Credits: India Today/Times Of India

December 9, 2019

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दो दिन पहले उन्नाव में रेप की शिकार एक पीड़िता का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में देर रात मौत हो गयी। इस घटना ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की कलई खोल कर रख दिया है। लेकिन इसी शहर में एक दूसरी पीड़िता पिछले दिनों हुई घटना से डरी हुई है। क्योंकि उन्नाव में इस महिला के साथ भी बदमाशों ने रेप करने की कोशिश की थी, लेकिन पीड़िता किसी तरह बचकर भाग गई।

उत्तर प्रदेश में उन्नाव जिले के सिंधुपुर गाँव की एक महिला ने आरोप लगाया है कि शनिवार को कुछ लोगों द्वारा उसके साथ बलात्कार का प्रयास करने के बाद पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया।

इस साल जनवरी से नवंबर तक उन्नाव में 86 बलात्कार के मामलों की मीडिया में खबरें आने के एक दिन बाद यह खबर आई है, साथ ही इसी दौरान महिलाओं के यौन उत्पीड़न के 185 मामले सामने आए हैं। महिला के मुताबिक, पुलिस ने उससे बलात्कार के बाद मामला दर्ज करने के लिए कहा।

आरोपी की पहचान राम मिलन, गुड्डू और राम बाबू के रूप में हुई, महिला ने दावा किया कि उन्होंने उसके साथ कुछ महीनों तक बलात्कार करने का प्रयास किया। जब वह पुलिस के पास गई, तो उन्होंने उसे बलात्कार की घटना होने के बाद एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा। दरअसल महिला पिछले कुछ महीनों से पुलिस स्टेशन का दौरा कर रही है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।  “मैं अपनी दवाई लेने जा रही थी। उन्होंने मुझे रोका और मेरे कपड़े खींचने शुरू कर दिए। उन्होंने मेरे साथ बलात्कार करने का भी प्रयास किया, ”महिला ने कहा।

उन्नाव की इस महिला ने कहा कि ये मामला तीन महीना पुराना है, और वो दवा लेकर आ रही थी तभी कुछ लोगों ने उसके साथ रेप करने की कोशिश की। महिला ने कहा कि जब उसने 1090 पर पुलिस को फोन किया तो कहा गया कि 100 नंबर की जिप्सी भेजी जा रही है, लेकिन वो पुलिस भी नहीं पहुंची, इसके बाद पीड़िता ने सीधे उन्नाव पुलिस कप्तान के ऑफिस में फोन की। वहां से जवाब मिला कि जहां पर घटना हुई वहीं पर मुकदमा दर्ज होगा। पीड़िता ने कहा कि उसने कोर्ट में भी मामला दर्ज करवाया, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पीड़िता का आरोप है कि थाने में उसे पुलिस से ताना सुनना पड़ता है। उसने कहा कि पुलिस कहती है कि कहीं भी जाओगी अंतिम में यहीं आना पड़ेगा। पीड़िता ने कहा कि इलाके में रेप की घटनाएं आम है, कमजोर लोगों की बेइज्जती की जाती है और पुलिस से मदद की आस नहीं रहती है।

 

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