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उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की जाएगी ‘गाय सफारी’

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Image Credits: Pixabay/Financial Express

December 9, 2019

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उत्तर प्रदेश में गाय सफारी तैयार करने की योजना है. इसके लिए बकायदा प्रदेश के डेयरी विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है. दरअसल, आवारा पशुओं के खतरे से निपटने के लिए प्रदेश में गाय सफारी शुरू करने का प्रस्ताव है. मंत्री ने अपने विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे उन जमीनों की पहचान करें, जहां आवारा पशुओं को खुलेआम घूमने की अनुमति दी जा सकती है. बता दें कि सफारी के तौर पर विकसित होने वाली जगहों पर जानवरों को रखा जाता है, लेकिन बांधा नहीं जाता.

मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ इस विचार पर चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा, ”हमारे पास बाराबंकी और महाराजगंज जैसे बड़े खेत हैं, जहां हम प्रायोगिक आधार पर एक सफारी स्थापित करना चाहते हैं, जहां 15,000 से 25,000 गायों को रखा जा सकता है। ”

उधर, यूपी गौ सेवा आयोग भी आवारा गायों की समस्या से निजात दिलाने की तैयारी कर चुका है. विभाग ने एक प्लान तैयार किया है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले वक्त में प्रदेश के किसानों को आवारा पशुओं से होने वाला नुकसान नहीं होगा और ना ही आवारा पशुओं की वजह से रोड एक्सीडेंट के आकंड़े बढ़ेंगे.

राज्य सरकार मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित विभिन्न समय-सीमा के बावजूद सभी आवारा पशुओं को राज्य भर में बनाए जा रहे आश्रय स्थलों में स्थानांतरित नहीं कर पाई है.

इसी साल अगस्त महीने में यूपी सरकार ने ‘मुख्यमंत्री निराश्रित बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना’ शुरू की थी. यूपी गौ सेवा आयोग इन गायों का गौमूत्र और गोबर लेकर उससे कई तरह के उत्पाद बनाकर बाजार में बेचेगा. फिलहाल इसकी शुरुआत भी हो चुकी है. जिस में गोबर और गौमूत्र से मच्छर मारने वाले कॉइल, रूम फ्रेशनर, गमला, अगरबत्ती, मूर्ति जैसे करीब 30 से ऊपर उत्पाद बनने भी लगे हैं. विभाग ने उम्मीद जताई है कि ऐसा करने से जहां एक तरफ आवारा पशुओं पर लगाम लगेगी, तो वहीं दूसरी तरफ गौ सेवा आयोग और गौ पालकों को भी इसका आर्थिक लाभ होगा.

 

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