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GST घाटे को कम करने के लिए GST रेट्स बढ़ाने की तैयारी

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Image Credits: Navbharat Times

December 11, 2019

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जीएसटी से जुड़ी खबरों में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन बढ़ाने के लिए ऊंची दरों के स्लैब तैयार करने को मंजूरी दी जा सकती है. इस बैठक में तीनों मोर्चों- जीएसटी रेट, जीएसटी स्लैब और कंपनसेशन सेस पर चर्चा होगी और इनमें बदलाव करने पर एक सिफारिश की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों की राय है कि पांच फीसदी कर को बढ़ाकर 6 से 8 फीसदी किया जाए। वहीं 12 वाले स्लैब को 15 फीसदी करने की भी सलाह दी गई है.

इस साल जीएसटी संग्रह के लक्ष्य से लगातार पीछे चल रही सरकार ने कमाई बढ़ाने को लेकर राज्यों के जीएसटी अधिकारियों को चिट्ठी लिखी थी. उस चिट्ठी में अधिकारियों से ऐसे उपाय तलाशने को कहा गया जिनसे सरकार की कमाई बढ़े बल्कि राज्यों को दिए जाने वाले कंपनसेशन रकम में भी इजाफा हो सके.

 

किन चीज़ों के दाम बढ़ सकते हैं

संभावना है कि रॉ सिल्क, लग्जरी हेल्थकेयर, हाई वैल्यूम होम लीजिंग, ब्रांडेड सीरियल्स, पिज्जा, रेस्टोरेंट, क्रूज शिपिंग, प्रिंट एडवरटाइजिंग, एसी ट्रेन टिकट्स, ऑलिव ऑयल जैसे दर्जनों ऐसी चीजों के रेट में बदलाव पर चर्चा की जा रही है. यानी इनकी दरों में बढ़ोतरी करके जीएसटी राजस्व बढ़ाने पर विचार हो रहा है. सुझाव में यह कहा गया  कि जो एक्जम्पटेज कैटगरी गुड्स है यानी जिन पर अभी जीएसटी नहीं लगता है, उनको भी स्लैब के दायरे में लाना चाहिए.

काउंसिल की मंगलवार को हुई बैठक में मौजूदा स्लैब को बढ़ाने के साथ साथ ई इनवॉयसिंग को भी अनिवार्य करने की सिफारिश की गई. बैठक में शामिल हुए केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों की तरफ से ये फैसला लिया गया है कि 500 करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए ई इनवॉयसिंग को अनिवार्य किया जाए. साथ ही कंपोजीशन स्कीम का दायरा बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. अधिकारियों की राय थी कि इंटर स्टेट सप्लाई को कंपोजीशन स्कीम के दायरे में लाया जाए। ऐसा होने पर छोटे और मझोले कारोबारोयों को बड़ी राहत मिल सकती है.

 

जीएसटी बिल लेने पर मिलेगा इनाम

जीएसटी वसूली बढ़ाने के लिए सरकार ग्राहकों को जागरूक करने की तैयारी में है. सरकार जीएसटी बिल लेकर सामान खरीदने वाले ग्राहकों को ईनाम भी दे सकती है. ईनाम पाने वाले ग्राहकों का चयन लकी ड्रॉ के जरिए किया जाएगा.

 

 

 

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