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कैंसर से पति को खोने के बाद अपने पति के सपने पूरा कर रही हैं डिंपल

तर्कसंगत

December 13, 2019

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कैंसर जैसी बीमारी न केवल एक मरीज को मारती है बल्कि यह धीरे-धीरे उसे उसके प्रियजनों को भी उससे दूर कर देती है। गले में दर्द, जोड़ों में दर्द, भूख, कमजोरी और नाजुक शरीर के चलते मरीज को हर समय मौत का डर रहता है। जनवरी 2018 में नितेश प्रजापत, जो कि खुद कोलोरेक्टल कैंसर के लास्ट स्टेज से जूझ रहे थे, उन्होंने और उनकी पत्नी डिंपल परमार ने फैसला किया कि वे अपना शेष जीवन लोगों की सेवा करने और कैंसर व कैंसर से संघर्ष कर रहे लोगों और उनके परिवार की मदद करने के लिए समर्पित करेंगे।

डिंपल परमार लव हील्स कैंसर और ज़ेनोको.आईओ के संस्थापक हैं और खुद एक कैंसर शोधकर्ता और काउंसलर हैं। वह व्यक्तिगत रूप से उस दर्द को जानती है जो कैंसर के मरीज और देखभाल करने वाले को घातक बीमारी से लड़ने के दौरान गुजरना पड़ता है। डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के साथ अपनी यात्रा में, उन्होंने आज की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में एक कमी की पहचान की।

 

डिंपल और नितेश की कहानी

डिम्पल ने IIM कलकत्ता से MBA किया। अपने दूसरे वर्ष में, उनकी नीतेश प्रजापत से दोस्ती हो गई। कुछ दिन बाद डिंपल को पता चला कि नितेश को स्टेज 3 कोलोरेक्टल कैंसर है।

“यह हम दोनों के लिए एक शॉक था ,” डिम्पल ने तर्कसंगत को बताया “यह स्वीकार करना कठिन था कि एक जवान आदमी जो इतना एक्टिव और स्वस्थ है, उसे कैंसर से लड़ना होगा।”

“मेरे अंदर  उसके लिए एक प्रकार की सहानुभूति पैदा होने लगी। वह एक होशियार, बुद्धिमान, महत्वाकांक्षी युवक था। वह बहुत अच्छे इंसान थे। मैं उसके साथ उसकी लड़ाई लड़ना चाहती थी।

नितेश इलाज के लिए मुंबई चले गए और फिर कुछ महीनों के बाद कलकत्ता में वापस कॉलेज आ गए। तभी नितेश और डिंपल एक साथ रहने लगे। डिंपल दिन-रात उनके साथ रहीं और उनकी देखभाल की, उनके बंधन को पहले से ज्यादा मजबूत किया।

 


Dimple Parmar Cancer Healing


 

28 वर्षीय डिंपल कहती हैं, “नितेश की अंतिम इच्छा थी कि वह अपने आस-पास के सभी लोगों, खासकर उन अनगिनत लोगों को, जो हर दिन कैंसर से पीड़ित होते है, उनके लिए उम्मीद जगाएं। दरअसल वे लोग इस घातक बीमारी से लड़ते हैं, और कई बार उनके पास साहस और संसाधनों की कमी होती है। हम अपने संगठन के माध्यम से उन्हें बताना चाहते हैं कि- आप अकेले नहीं हैं, हम आपके साथ हैं।” 2016 से, जब से नितेश को स्टेज 3 कोलोरेक्टल कैंसर का पता चला, तब से दोनों ने इस भयानक बीमारी को हराने के विभिन्न तरीकों का अध्ययन करने के लिए रातों की नींद हराम कर दी। कैंसर की प्रकृति को समझने से और उसकी रोकथाम के लिए डिंपल और नितेश ने “do’s and don’ts” की लिस्ट बनाई। यह दोनों अपनी जानकारी साझा करना चाहते थे और उस समाज को कुछ वापस देना चाहते थे, जिसने इस कठिन यात्रा में वित्तीय और लॉजिस्टिक समर्थन के साथ, क्राउडफंडिंग द्वारा और अपने आईआईटी-आईआईएम-कलकत्ता पूर्व छात्रों के नेटवर्क के माध्यम से मदद की थी।

“मैंने उसकी देखभाल के लिए काम से छुट्टी ले ली। लोग मुझे बताते रहे कि कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन मैं हार मानने को तैयार नहीं थी। मैंने अमेरिका और अन्य देशों में क्लीनिकल ट्रायल्स पर शोध शुरू किया। मैं उसे ठीक करने के लिए हर संभव कोशिश करना चाहता थी, और मेरा मानना है कि प्यार और विश्वास किसी को ठीक करने में एक बड़ी भूमिका निभाते हैं ” डिंपल कहती हैं।

इसके तुरंत बाद, डिंपल और नितेश ने शादी कर ली, वे इलाज के लिए अमेरिका चले गए। “यू.एस. में एक गुजराती परिवार ने हमारी काफी मदद की, और इस तरह बहुत से अन्य लोगों ने भी हमारी काफी मदद की। हम जानते थे कि उपचार काम कर सकता है या नहीं, लेकिन मैं देख रही थी कि प्रेम और सकारात्मकता नितेश को खुश और आनंदित रखे हुए थी , ”डिम्पल ने कहा।

समय के साथ, नितेश की तबीयत बिगड़ती गई और 14 मार्च 2018 में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली।

 


Dimple Parmar Cancer Healing


लव हील्स कैंसर

LHC मरीजों, देखभाल करने वालों, सर्वाइवर्स, स्वयंसेवकों, व्यक्तियों और संगठनों का एक समुदाय है, जो दुनिया भर के कैंसर रोगियों को प्यार और समर्थन प्रदान करने के लिए समर्पित है। बियॉन्ड कन्वेंशनल कैंसर थेरपीज में यूएस-आधारित कैंसर-देखभाल कार्यक्रमों के साथ, लव हील्स कैंसर भारत भर में रोगियों और देखभाल करने वालों को निम्नलिखित सेवाएं प्रदान करता है।

1. समग्र चिकित्सा (Holistic healing) वे प्राकृतिक उत्पादों और जड़ी बूटियों के बारे में सूचित करके कैंसर के रोगियों की मदद करते हैं, जो कैंसर के उपचार के दुष्प्रभावों को कम करने में मदद करते हैं; मन-शरीर प्रथाओं (mind-body practices) से व्यक्तियों को प्रशिक्षित करना, जो उन्हें अपने मन को मजबूत करने और इस बीमारी से लड़ने का संकल्प करने में मदद करता है; स्वस्थ आहार और व्यायाम की वकालत करना; प्रार्थना और आध्यात्मिक उपचार में संलग्न हैं, जिससे उन्हें शरीर की सीमा से परे जाने की ऊर्जा मिलती है।

2. हीलिंग सर्कल यह एक इंटरनेशनल लर्निंग कम्युनिटी (international learning community) है, जो कैंसर और अन्य स्थितियों वाले लोगों के लिए मनो-सामाजिक समर्थन मंडल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसका उद्देश्य सीखने वाले समुदाय में चिकित्सा का पता लगाना है। हीलिंग सर्किल के माध्यम से, टीम मरीजों और देखभाल करने वालों के साथ काम करती है, जिससे उन्हें उन समस्याओं के बारे में बोलने के लिए एक सुरक्षित वातावरण मिलता है। समुदाय के साथ, वे उपचार के लिए बाधाओं को दूर करने, पीड़ा को कम करने और स्वस्थ करने की उनकी क्षमता को गहरा करने के सर्वोत्तम तरीकों की खोज करने के लिए एक साथ काम करते हैं।

3. लव हील्स कैंसर हेल्प प्रोग्राम यह प्रतिभागियों को बेहतर तरीके से जीने और जहां संभव हो, लंबे समय तक जिंदा रहने में मदद करने के लिए तीन दिन का लंबा उपचार है। कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर से पीड़ित लोगों की “जरूरत” को संबोधित करना है। यह हीलिंग, बायोमेडिकल और इंटीग्रेटिव थेरेपी और कैंसर के भावनात्मक और आध्यात्मिक आयामों में विकल्पों की संतुलित खोज करता है।

4. एंड-ऑफ-लाइफ वार्तालाप इस पहल का उद्देश्य रोगी और उनके परिवारों के साथ मृत्यु और मृत्यु पर चर्चा करना है। यह बातचीत और खुली चर्चा के माध्यम से किया जाता है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू मृत्यु को जीवन का हिस्सा मानना है। टीम ध्यान, निर्णय लेने और मृत्यु चिंतन के माध्यम से रोगियों की मदद करती है।

5. माइंड-बॉडी मेडिसिन एजुकेशन यह कार्यक्रम चुनौतीपूर्ण देखभाल देने वाले वातावरण को सफलतापूर्वक नेविगेट करने के लिए चिंतनशील प्रथाओं और कौशल-आधारित दृष्टिकोण सिखाता है। कार्यशालाओं और प्रशिक्षण सेमिनारों के माध्यम से, यह पहल व्यक्तियों, संगठनों, समुदायों और संस्थानों को देखभाल करने वाली बनने के लिए प्रशिक्षित करती है और कैंसर उपचार के साथ आने वाली चुनौतियों से अच्छी तरह से वाकिफ कराती है।


Dimple Parmar Cancer Healing


 

डिम्पल कहती हैं, “हम लोगों से भी आग्रह करना चाहते हैं कि वे उपचार को समग्र रूप से देखें – मन, शरीर और आत्मा को समाहित करते हुए। हमारी टीम नियमित रूप से दुनिया भर में किए गए विभिन्न शोधों और लोगों के साथ साझा करने वाले शोध से गुजरती है। हम एलएचसी को हर उसके लिए मंच बनाना चाहते हैं जो कैंसर के लिए समर्थन जुटाना या जानकारी हासिल करना चाहता है।” डिंपल ने कैलिफोर्निया स्थित एक गैर-लाभकारी कैंसर उपचार केंद्र कॉमनवेल से परामर्श प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्हें अहमदाबाद में सर्विस स्पेश, और गांधी आश्रम सहित कई संगठनों का समर्थन प्राप्त था।

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