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क्या कमल सच में राष्ट्रिय पुष्प है? जैसा कि पासपोर्ट विवाद पर विदेश मंत्रालय कह रहा है

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Image Credits: India Tv

December 13, 2019

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भारतीय पासपोर्ट पर कमल के निशान को लेकर बवाल मचा हुआ है. इसको लेकर विदेश मंत्रालय ने सफाई दी है. मंत्रालय का कहना है कि सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए कमल का निशान लाया गया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि फर्जी पासपोर्ट की पहचान करने के लिए और पासपोर्ट के सिक्योरिटी फीचर्स को मजबूत करने के लिए कमल का निशान लगाया गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि कमल राष्ट्रीय फूल का प्रतीक है. रवीश कुमार का यह भी कहना था कि कमल के अलावा भी कई सारे राष्ट्रीय चिन्ह हैं जिनका पासपोर्ट में बारी-बारी से इस्तेमाल किया जाएगा.

 

 

बचपन से ही हम ऐसे सिंबलों को रटते आ रहे हैं. जनरल नॉलेज मजबूत करने के लिए. लेकिन क्या हो कि वो झूठा साबित हो जाए. पिछले कुछ समय में कुछ ऐसा ही हुआ है. पहले हॉकी को राष्ट्रीय खेल मानने वाला दावा गलत साबित हुआ. अब कमल को राष्ट्रीय फूल मानने वाली बात संदिग्ध साबित हो रही है.

अभी से कुछ समय पहले जुलाई महीने में बीजू जनता दल के राज्यसभा प्रसन्न आचार्य गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री से सदन में इसी से जुड़े तीन सवाल पूछे थे:

  1. भारत के राष्ट्रीय पशु, पक्षी और पुष्प कौन से हैं?
  2. क्या इस सम्बन्ध में भारत सरकार या किसी अन्य सक्षम प्राधिकरण द्वारा कोई अधिसूचना जारी की गई है?
  3. यदि हां, तो अधिसूचना का ब्योरा क्या है?
  4. यदि नहीं, तो यूजीसी, एनसीईआरटी और भारत सरकार पोर्टल किस प्रावधान के अन्तर्गत राष्ट्रीय पशु, राष्ट्रीय पक्षी और राष्ट्रीय पुष्प के नाम प्रकाशित कर रहे हैं?

भारत सरकार


 

इस प्रश्न के जवाब में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने ये कहा – “पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ‘बाघ’ और ‘मोर’ को क्रमश: राष्ट्रीय पशु और राष्ट्रीय पक्षी के रूप में अधिसूचित किया गया है लेकिन राष्ट्रीय पुष्प के सम्बन्ध में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई हैराष्ट्रीय पुष्प के बारे में सम्बन्धित संगठनों से जानकारी एकत्रित की जा रही है और सदन के पटल पर रख दी जाएगी.

इतना ही नहीं 7 नवंबर 2017 को डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट छपी है. इसमें आरटीआई से हुए एक खुलासे का ज़िक्र है. लखनऊ की ऐश्वर्या पराशर ने बॉटेनिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया से पूछा था कि क्या कमल भारत का राष्ट्रीय फूल है?

इसके बावजूद India. gov.in नाम के सरकारी पोर्टल पर कमल को राष्ट्रीय फूल के तौर पर दिखाया जा रहा है. यहां तक कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पूरे दावे के साथ सरेआम कमल को राष्ट्रीय फूल घोषित कर दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर लोग कमल को राष्ट्रीय फूल मानकर झगड़ने पर तुले हैं.

 


भारत सरकार


 

तो अब सवाल यह है कि किस की बात को सही माना जाये? गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय  के बयान को जिसके हिसाब से कमल भारत का राष्ट्रिय पुष्प नहीं है या विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रविश कुमार के बयान को ? बहरहाल इस विषय पर सोशल मीडिया पर कमल को लेकर बहस ज़ारी है, मगर सवाल ला-जवाब खड़ा है.

 

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