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सांसद गणेश सिंह: संस्कृत में बोलने से डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल में रहते हैं

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Image Credits: Lok Sabha Tv

December 13, 2019

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संस्कृत भाषा की यूं तो कई खूबियां गिनाई जाती है लेकिन मध्य प्रदेश के एक भाजपा सांसद ने जो कहा है, वह काफी वायरल हो रहा है. लोकसभा में गुरुवार को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक, 2019 पारित हो गया. इससे पहले इस विधेयक पर काफी चर्चा हुई. इस दौरान मध्य प्रदेश के सतना से भाजपा सांसद गणेश सिंह ने दावा किया कि संस्कृत बोलने से डायबिटीज और कॉलेस्ट्रॉल कम होता है.

पीटीआई के मुताबिक गुरूवार को चर्चा में भाग लेते हुए गणेश सिंह ने दावा किया कि अमेरिका के एक शिक्षण संस्थान के अनुसंधान के अनुसार रोजाना संस्कृत भाषा बोलने से तंत्रिका तंत्र मजबूत होता है और डायबिटीज व कॉलेस्ट्रॉल कम होता है. संस्कृति यूनिवर्सिटीज बिल पर लोकसभा में हो रही चर्चा के दौरान गणेश सिंह ने कहा कि अमेरिका के एक संस्थान में शोध किया गया है जिसमें यह बात सामने आई है कि संस्कृत भाषा से नर्वस सिस्टम बेहतर होता है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंग्रेजी के कई शब्द संस्कृत भाषा से ही लिए हैं. ‘ब्रदर’, ‘मदर’, ‘फादर’, ‘काऊ’ संस्कृत से ही लिए गए हैं. वह कहते हैं कि प्राचीन भाषाओं के प्रचार-प्रसार से दूसरी भाषाएं जरा भी प्रभावित नहीं होंगी.

इससे पहले केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक पर सदन में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि सरकार संस्कृत के साथ ही तमिल, तेलुगू, बांग्ला, मलयालम, गुजराती, कन्नड आदि सभी भारतीय भाषाओं को सशक्त करने की पक्षधर है और सभी को मजबूत बनाना चाहती है.

लोकसभा में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. इस विधेयक में देश में संस्कृत के तीन मानद विश्वविद्यालयों को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने का प्रावधान है. संसद से विधेयक के पारित होने के बाद दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ और तिरुपति स्थित राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का दर्जा मिल जाएगा. अभी ये तीनों संस्थान संस्कृत अनुसंधान के क्षेत्र में अलग-अलग कार्य कर रहे हैं.

 

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