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पश्चिम बंगाल, केरल और पंजाब का फैसला, अपने राज्य में CAB नहीं करेंगे लागू

तर्कसंगत

Image Credits: The News Minute/India Today/NDTV

December 13, 2019

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एक ओर जहां नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर पूर्वोत्तर में हिंसक प्रदर्शन जारी हैं, वहीं एक-एक कर राज्य बिल लागू करने से साफ इनकार कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल और केरल के बाद अब पंजाब ने साफ कह दिया है कि राज्य में यह लागू नहीं किया जाएगा. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधेयक को भारत की धर्मनिरपेक्षता पर सीधा हमला बताया है.

 

 

संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए, कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि राज्य विधानसभा में बहुमत वाली कांग्रेस सदन में इस असंवैधानिक अधिनियम को रोक देगी. उन्होंने कहा, उनकी सरकार इस कानून के जरिए देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को बिगाड़ने नहीं देगी.

इसके अलावा केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने भी नागरिकता संशोधन विधेयक को असंवैधानिक बताया और कहा कि उनका राज्य इसे नहीं अपनाएगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भारत को धार्मिक तौर पर बांटने की कोशिश कर रही है. ये समानता और धर्मनिरपेक्षता को तहस-नहस कर देगा.

 

 

द हिंदू के मुताबिक विजयन ने मीडिया से कहा कि इस्लाम के खिलाफ भेदभाव करने वाले सांप्रदायिक रूप से ध्रुवीकरण कानून का केरल में कोई जगह नहीं है. बता दें कि देश भर के कई हिस्सों में नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

वहीं, पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार में मंत्री डेरेक ओ ब्रायन ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में एनआरसी और कैब दोनों लागू नहीं किए जाएंगे. ओ ब्रायन ने कहा कि सीएम ममता पहले ही यह बात कह चुकी हैं.

इन सभी मुख्यमंत्रियों के अलावा जनता दल यूनाइटेड (JDU) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) के खिलाफ लगातार हमलावर हैं, एक के बाद एक ट्वीट कर किशोर ने पहले इस मुद्दे पर अपनी पार्टी के रुख का विरोध किया था. अब उन्होंने गैर-BJP राज्यों के मुख्यमंत्रियों से ट्वीट कर अपील की है कि संसद में बहुमत आगे रहा, अब न्यायपारिका के अलावा देश की आत्मा को बचाने की जिम्मेदारी देश के 16 गैर-BJP शासित राज्यों के मुख्यमंत्री के ऊपर आ गई है, पंजाब, केरल और बंगाल के मुख्यमंत्री ने CAB को न कह दिया है, अब बाकियों को भी इस मामले में अपना रुख स्पष्ट कर देना चाहिए.

 

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