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2018-19 में बीजेपी की आय 2410 करोड़ रु, कांग्रेस का भी आर्थिक विकास दर सबसे ज़्यादा

तर्कसंगत

January 14, 2020

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भारत के सबसे प्रमुख राजनीतिक दलों – भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने वित्त वर्ष 2018-19 में अपने वार्षिक आय में सबसे अधिक वृद्धि 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले देखी। इस जानकारी का खुलासा भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के साथ संबंधित पार्टियों द्वारा दायर वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट से होता है, साथ ही चुनाव निगरानी – एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स द्वारा संकलित उनकी पिछली ऑडिट रिपोर्ट के आंकड़ों भी यही कहते हैं।

भाजपा ने 2018-19 में 2410 करोड़ रुपये की आय दर्ज की, जो पिछले वित्तीय वर्ष में उसकी आय से लगभग 135% अधिक थी। कांग्रेस ने 2018-19 में 918 करोड़ रुपये की आय बताई, जो पिछले वित्त वर्ष में उसकी आय से 361% अधिक है। आंकड़े बताते हैं कि कांग्रेस पार्टी, जो लगातार चार वर्षों से अपनी वार्षिक आय में गिरावट की रिपोर्ट कर रही थी, आर्थिक रूप से ठीक हो गई है।

2018-19 में दोनों दलों की आय 18 साल में सबसे अधिक थी और 2018-19 में उनकी आय में सबसे अधिक वार्षिक वृद्धि देखी गई।

चुनावी बांड , जो राजनीतिक दलों को गुमनाम दान की अनुमति देते हैं, इन दो दलों के लिए आय का सबसे बड़ा स्रोत रहा है। भाजपा की 60% से अधिक आय चुनावी बांड के माध्यम से हुई, जो कुल मिलाकर 1451 करोड़ रुपये थी।

कांग्रेस को उसी के माध्यम से 383 करोड़ रुपये मिले, जो उसकी कुल आय का लगभग 42% था।

2017-18 में, जिस वर्ष चुनावी बॉन्ड योजना की घोषणा की गई, भाजपा को अपनी आय का 20%, 210 करोड़ रुपये मिले; जबकि कांग्रेस को सिर्फ 5 करोड़ रुपये (उसकी आय का 2.5%) प्राप्त हुआ।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को छोड़कर सभी राष्ट्रीय दलों की वर्ष 2018-19 की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट ECI की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है।

हिंदुस्तान टाइम्स ने बताया कि भाजपा की 2410 करोड़ रुपये की आय अन्य राष्ट्रीय पार्टियों की संयुक्त आय से लगभग 47% अधिक है ।

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