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मुशर्रफ अली के परिवार की देखभाल करेंगे शोभित अग्रवाल

तर्कसंगत

January 16, 2020

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दोस्ती का कोई मजहब नहीं होता, इस बात को सही साबित करती है शोभित अग्रवाल (मोनू) और मुशर्रफ अली (मूसा) की दोस्ती। 8 दिसंबर को दिल्ली के फिल्मीस्तान इलाके में लगी भीषण आग में 43 लोगों की मौत हुई थी। इसमें 30 साल के मूसा उर्फ मुशर्रफ अली की जिंदगी भी चली गई थी। इस दर्दनाक घटना में मरने वाले मुशर्रफ ने मरने से ठीक पहले आखिरी कॉल अपने दोस्त मोनू अग्रवाल को किया था।

यह मत सोचना मैं चला गया, हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगा… मौत से पहले ये बात मुशर्रफ ने अपने बचपन के दोस्त मोनू अग्रवाल को फोन पर कही। बातचीत में मोनू ने कहा कि उन दोनों की दोस्ती खू;न की रिश्तेदारी और मजहब से कहीं ऊंची थी। बचपन के दोस्त थे, कभी भी हिंदू-मुसलमान का पता नहीं चला। पिछले शुक्रवार को वह गांव आया था, हमने खूब समय साथ में बिताया था। वह मेरे ऊपर बहुत्त विश्वास करता था। रिकॉर्डिंग में मुशर्रफ ने मोनू से कहा, ‘जैसे-तैसे मेरा घर चला लेना। बच्चों के बड़े होने तक, अभी किसी को मत बताना, आराम से बताना और यहां आने (शव लेने के लिए) की तैयारी कर लेना। सांस नहीं आ रहा है, बस 3-4 मिनट का खेल है। सब खत्म हो गया।’

मुशर्रफ जब आग में बुरी तरह से घिर गया था, तो उसने अपने परिवार में किसी को फोन न करके मोनू को फोन किया और कहा कि मेरे परिवार को लेके पहुंच जाना। भरोसे को कायम रखते हुए मोनू डेड बॉडी लेने दिल्‍ली पहुंचे थे। मोनू ने कहा कि कभी ऐसा नहीं लगा कि हम दोनों अलग मजहब के हैं। अपनी बाते एक दूसरे के साथ साझा करते रहे। जो बात मैं अपने परिवार को नहीं बता सकता था, वह मैंने साझा की।

मौत से पहले उसने जो दर्द बयान किया, वह याद कर सहम जा रहा हूं। उसकी बातें ऐसी थी कि मानो मेरे। सामने मौत खड़ी हो। वह बात कर रहा था तो पीछे से चीखें सुनाई पड़ रही थीं। मैं इतना बेबस और लाचार था कि बस सुनता रहा। मोन्‌ ने कहा कि मुशर्रफ अपने पीछे चार बच्चे और मां को छोड़ गया है। अब उसकी जिम्मेदारी तो मेरे कंधे पर है। इस घटना में बिहार के साथ यूपी के भी बहुत सारे युवा शिकार हुए हैं, कई की मौत हो गई है। हमारी यूपी सरकार से मांग है कि वो भी दिल्‍ली और बिहार सरकार की तरह मुआवजा दे।

मालूम हो, 8 दिसंबर (रविवार) को सेंट्रल दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी में भीषण आग लगी थी। इसमें 43 लोगों की जान चली गई और 50 से अधिक लोगों को राहत दलों ने बाहर निकाला। इस दर्दनाक घटना पर पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहित तमाम बड़ी हस्तियों ने शोक जताया।

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