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ओयो भारत में 2,400 से ज्यादा कर्मचारियों की करेगा छंटनी

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Image Credits: Patrika/Asianet News

January 17, 2020

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होटल एग्रीगेटर कंपनी ओयो भारत में 2,400 से ज्यादा लोगों को नौकरी से निकालने की तैयारी कर रही है. वास्तव में कारोबार बढ़ने के बाद ओयो भारत में अपने बिजनेस को पुनर्गठित कर रही है.

कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि ओयो भारत और चीन में अपने कामकाज को नए ढंग से शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिसके चलते हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, इसी कारण कंपनी अपनी कुछ स्ट्रेंथ का 20 फीसदी कम करने जा रही है.

ओयो में की जा रही इस छंटनी में मिड मैनेजमेंट, बिजनेस डेवलपमेंट, सेल्स एवं ऑपरेशंस और कुछ टेक टीम के मेंबर भी शामिल हो सकते हैं. रितेश अग्रवाल के ईमेल में यह नहीं बताया गया है कि ओयो से कितने लोगों की छंटनी की जा रही है. हालांकि, मामले से जुड़े सूत्रों ने 2,400 से ज्यादा इम्पलॉई की छंटनी की योजना की बात कही है. ओयो के एक शीर्ष एग्जिक्यूटिव ने इकनोमिक टाइम्स से कहा, “मार्च के अंत तक कंपनी एक बार और छंटनी करने की योजना बना रही है. वास्तव में कंपनी की योजना अपने कर्मियों की संख्या में 20 फीसदी तक कमी करने की है.”

इसके पहले, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कंपनी ने अपने 5 फीसदी कर्मचारियों को चीन में बाहर का रास्ता दिखाया है. इन कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर बाहर किया गया है. जबकि भारत में 12 फीसदी कर्मचारियों को बाहर निकाला गया है. पिछले दिनों ओयो के आधिकारिक बयान में कहा गया था कि हम ऐसी कंपनी बनना चाहते हैं जहां काम करना सबसे बेहतर अनुभव हो, यही वजह है कि हम काम करने वालों की क्षमता और उनकी दक्षता का आंकलन करते रहते हैं.

साथ ही इसके पीछे की वजह ‘जरूरत के हिसाब से कर्मचारियों को रखना’ बताया गया है. रितेश अग्रवाल ने कहा कि यह साल 2020 के लिए ओयो के नए रणनीतिक उद्देश्य का एक हिस्सा है. इसके तहत विभिन्न इकाइयों और परिचालन में टीम का पुनर्गठन किया जा रहा है. देश में लगभग हर सेक्टर मंदी की मार झेल रहा है, अब इसका साफ असर होटल इंडस्ट्री पर भी दिखना शुरु हो गया है. बजट होटल चलाने वाली कंपनी ओयो ने चीन में काम कर रहे 12,000 कर्मचारियों में से पांच फीसदी को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. ओयो में जापान की सॉफ्ट बैंक ने निवेश किया है और वह लागत कम करने एवं कामकाज को सुचारू बनाने के लिए ओयो पर दवाब बना रही है. इस मामले पर ईटी ने जब ओयो से सवाल पूछा तो जवाब देने से मना कर दिया गया.

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