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क्या है नोवेल कोरोना वायरस जिसके चपेट में है भारतीय टीचर?

तर्कसंगत

Image Credits: India Today

January 22, 2020

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दुनियाभर में नोवेल कोरोना वायरस (NCOV) से 14 लोगों की मृत्यु के मामले सामने आए हैं. भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि की है. नोवेल कोरोना वायरस से मरने वालों में एक व्यक्ति चीन का भी है. केंद्रीय स्वास्थ मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के मुताबिक नोवेल कोरोना वायरस (NCOV) की गहन समीक्षा की जा रही है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली, मुंबई और कोलकाता हवाईअड्डों पर चीन से आने वाले अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की एहतियातन थर्मल स्कैनर के जरिए जांच करने के निर्देश दिए हैं. इस संबंध में विमानों में भी घोषणाएं की जा रही हैं. चीन जाने वाले और वहां से आने वाले यात्रियों के लिए परामर्श जारी किया गया है. यह परामर्श स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है.

ताजा मामला वुआन से

नोवेल कोरोना वायरस का ताजा मामला चीन के वुआन प्रांत में सामने आया. यहां पांच जनवरी को नोवेल कोरोना वायरस से एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार वायरस अभी विकसित हो रहा है.

 

क्या है कोरोना वायरस?

डब्ल्यूएचओ की प्राथमिक जांच से मिली जानकारी के मुताबिक, यह वायरस सी-फूड से जुड़ा है. कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है और इससे लोग बीमार पड़ रहे हैं. यह वायरस ऊंट, बिल्ली तथा चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है. दुर्लभ स्थिति में पशु मनुष्यों को भी संक्रमित कर सकते हैं.

 

स्थिति पर रखी जा रही नजर

स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन वायरस के मद्देनजर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशानुसार, आठ और 15 जनवरी को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह (जेएमजी) की बैठक बुलाई गई थी. इसमें विभिन्न हितधारकों सहित तथा डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि शामिल हुए थे.

स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ के परामर्श के अनुसार स्थिति पर नजर रखी जा रही है. इस वायरस का मानव से मानव संक्रमण वैश्विक स्तर पर कम है. इसलिए सीमित मानव से मानव संक्रमण के तथ्य को भी ध्यान में रखा जा रहा है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रयोगशाला जांच, निगरानी, संक्रमण रोकथाम तथा नियंत्रण (आईपीसी) और जोखिम संचार पर सभी संबंधितों को आवश्यक निर्देश जारी किया है. इसके साथ ही सामुदायिक निगरानी के लिए एकीकृत बीमारी निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) बनाया गया है.

 

रोकथाम नियंत्रण की तैयारी

एनआईवी पुणे, आईसीएमआर प्रयोगशाला देश में NCOV के नमूने की जांच में सहयोग कर रहे हैं. उच्चस्तरीय बैठकों में अस्पतालों में प्रबंधन और संक्रमण रोकथाम नियंत्रण सुविधाओं के बारे में तैयारी की समीक्षा की गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय विदेश मंत्रालय के संपर्क में है.

 

भारतीय टीचर इस वायरस की चपेट में

भारतीय टीचर प्रीति माहेश्वरी चीन में पहली विदेशी नागरिक हैं जो सीवियर एक्युट रेस्पायरेटरी सिंड्रॉम (SARS) जैसे वायरस की चपेट में आ चुकी हैं. इस वायरस की चपेट में आने के बाद उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. जिसके बाद प्रीति माहेश्वरी को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. प्रीति माहेश्वरी शेंजेनव के इंटरनेशनल स्कूल में टीचर हैं.

प्रीति के पति आयुष्मान कोवाल के मुताबिक डॉक्टरों ने वायरस की चपेट में आने की पुष्टि की है. शुक्रवार को प्रीति गंभीर रूप से बीमार हो गई थी. प्रीति के पति ने बताया कि प्रीति आईसीयू में है और उनका इलाज चल रहा है. प्रीति को वेंटिलेटर पर रखा गया है. उन्होंने बताया कि प्रीति बेहोश है और उनसे मिलने के लिए दिन में कुछ घंटों का ही वक्त डॉक्टर देते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि इससे उबरने के लिए लंबा वक्त लग जाएगा.

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