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सरकार ने खोला खजाना, कश्मीर को मिलेंगे 80 हज़ार करोड़ रूपये

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Image Credits: Punjabkesari

January 23, 2020

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केन्द्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर के लिए 80 हजार करोड़ के पैकेज की घोषणा की है। सरकार ने बुधवार को कश्मीर में विकास से संबंधित कार्य के लिए पैकेज को मंजूरी दी। इसकी जानकारी मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दी। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित करने के लिए मंत्रियों का दल इस समय घाटी के दौरे पर है।

इस सिलसिले में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने राजौरी जिले के नौशेरा और कलाकोट ब्लॉक का दौरा किया। मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री संजय धोत्रे का कहना है कि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के विकास के लिए 80 हजार करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दे चुकी है। उन्होंने कहा कि जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है तब से अब तक जम्मू-कश्मीर के विकास का खासा ध्यान रखा गया है। आईआईटी, आईआईएम और एम्स के अलावा आधारभूत क्षेत्रों जैसे सड़क, बिजली और सिंचाई परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार ने धन दिए।

 

अटके परियोजनाओं को पूरा करेगी केन्द्र

उन्होंने कहा कि ऐसे सभी परियोजना जो किसी न किसी वजह से अटके हुए थे उन्हें पूरा करना केंद्र की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दौरे का मुख्य मकसद घाटी के लोगों को यह बताना है कि दिल्ली की सरकार आप लोगों के लिए कितना कुछ करना चाहती है।

 

दौरे पर केन्द्र सरकार के मंत्री

शनिवार से 36 केंद्रीय मंत्रियों का एक दल जम्मू-कश्मीर का दौरा कर रहा है। इसमें स्मृति ईरानी, पीयूष गोयल, अनुराग ठाकुर और महेंद्र नाथ पांडेय सहित कई मंत्री और नेता शामिल हैं। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी भी बुधवार को श्रीनगर के लाल चौक गए और वहां के लोगों से कुछ समय तक बातचीत की। नकवी लाल चौक पर रुके और कुछ दुकानदारों और स्थानीय लोगों के साथ बातचीत की। उन्होंने लोगों से उन समस्याओं के बारे में पूछा, जिसका वे सामना कर रहे हैं। नकवी ने कहा, सकारात्मक माहौल है और सरकार लोगों के बीच संवाद बना कर सकारात्मकता फैला रही है।”

 

पांच अगस्त को हुई थी विशेष दर्जा वापस लेने की घोषणा

बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल अगस्त महीने में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म कर दिया था। 370 के खंड ए को छोड़कर बाकी सभी खंडों को समाप्त करने का ऐलान किया गया था। इसके साथ ही, सीमा से लगे इस राज्य को केंद्र शासित प्रदेशों में तब्दील कर दिया था।

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