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फैक्ट चेक : मंगलौर एयरपोर्ट पर बम रखने वाला व्यक्ति आरएसएस का स्वयंसेवक नहीं है

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Image Credits: Op India

January 24, 2020

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सोमवार को मैंगलोर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक लावारिस काले बैग में एक लाइव बम पाया गया था। स्थानीय पुलिस ने बम का पता लगते ही तुरंत ज़रूरी कार्रवाई की। अधिकारियों ने उस बम को एक अलग स्थान पर ले जा कर , उस क्षेत्र को बंद कर और कम तीव्रता वाले विस्फोटक (आईईडी) को “बेअसर” कर दिया। मंगलुरु पुलिस आयुक्त, पीएस हर्षा ने एक सुरक्षा में चूक के आरोपों को रफा-दफा करते हुए बताया कि पुलिस की टीम सुचना मिलते ही रवाना हो गई और बम को 15 मिनट में खोज कर सुरक्षा के हिसाब से बेअसर किया।

20 जनवरी को सीआईएसएफ़ के डीआईजी अनिल पांडे ने कहा था कि हमें मैंगलोर हवाई अड्डे के टिकट काउन्टर के पास लावारिस बैग में से विस्फोटक (आईईडी) के निशान मिले हैं. एएनआई के मुताबिक पुलिस ने साफ़ किया था कि सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध को देखा गया है.

 

 

एयरपोर्ट पर इस हादसे के दो दिन बाद, आरोपी ने बेंगलुरु पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। 35 वर्षीय, आदित्य राव, जो एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, और साथ ही एक एमबीए स्नातक हैं और मणिपाल के निवासी हैं। राव ने दावा किया कि उन्होंने हवाई अड्डे पर बम रखा क्योंकि बेंगलुरु में हवाई अड्डे पर नौकरी नहीं मिलने से वह परेशान थे। उन्हें पूछताछ और चिकित्सा परीक्षणों के लिए हिरासत में लिया गया था।

 

आदित्य राव को 2018 में बेंगलुरु हवाई अड्डे को बम की झूठी खबर देने के लिए भी गिरफ्तार किया गया था.

 

दावा

 

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कर्नाटक राज्य के मैंगलोर हवाई अड्डे में कथित तौर पर विस्फोटक रखने के आरोप में गिरफ़्तार हुए व्यक्ति का संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से है.

 

 

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, कर्नाटक के एक पूर्व सोशल मीडिया प्रमुख ने भी कई ट्वीट्स में आरएसएस की खिंचाई की और राव की तुलना प्रज्ञा ठाकुर से की.

 

 

फैक्ट चेक

 

जांच करने के बाद, यह पाया गया कि आरएसएस की वर्दी पहने तस्वीर में आदमी आदित्य राव नहीं है। तस्वीर संदीप लोबो की है जो कर्नाटक के पुत्तुर के रहने वाले हैं। लोबो ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि उसने उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है जो मंगलुरु बम कांड के आरोपी के रूप में उसका जिक्र कर रहे हैं।

 

 

बाद में, उसने पुलिस के पास उन लोगों के खिलाफ शिकायत  करते हुए भी तस्वीर पोस्ट की जो उसे बदनाम करने की कोशिश कर रहे है.

 

 

इसके बाद ऐसे कई सारे ट्वीट्स देखे गए जहाँ लोग इस बात की पुष्टि करते पाए गए कि मंगलौर एयरपोर्ट पर बम रखने वाला आदमी आरएसएस का स्वयंसेवक  संदीप लोबो नहीं है

 

 

 

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