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पिता की मृत्यु के बाद भी अफसर ने पूरा किया बजट का काम

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Image Credits: Financial Express

January 31, 2020

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केंद्रीय सचिवालय के उत्तरी ब्लॉक में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के लिए, 1 फरवरी को घोषित केंद्रीय बजट से एक सप्ताह पहले, हमेशा तनावपूर्ण होता है। लेकिन इस साल के बजट पर काम करने वाले कुलदीप कुमार शर्मा के लिए विशेष रूप से मुश्किल था क्योंकि उनके पिता का 26 जनवरी को निधन हो गया था, जब वह लॉक-इन में थे।

शर्मा, जिनके पास बजट प्रक्रिया में 31 साल का अनुभव है, को गोपनीय बजट दस्तावेजों की छपाई का काम सौंपा गया है। नुकसान के बावजूद, शर्मा ने असाधारण ईमानदारी दिखाने वाले अपने कर्तव्य की प्रकृति को देखते हुए प्रेस क्षेत्र को नहीं छोड़ने का फैसला किया। मंत्रालय ने माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट – ट्विटर पर शर्मा के समर्पण की प्रशंसा की।

 

 

कुलदीप कुमार शर्मा, गोपनीय बजट डॉक्‍यूमेंट्स की प्रिंटिंग के लिए नियुक्‍त स्‍टाफ का अहहम हिस्‍सा हैं। डॉक्‍यूमेंट्स की प्रिंटिंग के दौरान स्‍टाफ नॉर्थ ब्‍लॉक में ही था। न कोई अंदर आ सकता था और न ही किसी को बाहर जाने की इजाजत थी। 26 जनवरी 2020 को जब वह बजट के डॉक्‍यूमेंट्स की प्रिंटिग में बिजी थे, उनके पिता का देहांत हो गया। अपने व्‍यक्तिगत नुकसान के बाद भी उन्‍होंने प्रेस एरिया को न छोड़ने का फैसला किया।

बजट डॉक्‍यूमेंट्स को तब तक गोपनीय रखा जाता है जब तक कि वित्‍त मंत्री इस सदन में पेश नहीं कर देते हैं। आज भी बजट की प्रिंटिंग एक बहुत ही गोपनीय प्रक्रिया है जिसमें कुछ टॉप ऑफिसर्स को शामिल किया जाता है।

बजट पेश करने से पहले नॉर्थ ब्‍लॉक में एक हलवा सेरेमनी होती है। इस हलवे को वित्‍त मंत्री की ओर से तैयार किया जाता और फिर वहीं अधिकारियों में इसे बांटते हैं। इस हलवे को वित्‍त मंत्रालय के सभी अधिकारियों में बांटा जाता है और फिर जिन ऑफिसर्स पर बजट प्रिंटिंग की जिम्‍मेदारी होती है, उन्‍हें नॉर्थ ब्‍लॉक के बेसमेंट में लॉक इन कर दिया जाता है। इस दौरान अधिकारी मोबाइल और इंटरनेट के प्रयोग से दूर रहते हैं। उन्‍हें अपने परिवार को भी फोन करने की मंजूरी नहीं होती है।

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