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फैक्ट चेक : बैंगलोर के बस कंडक्टर ने IAS की परीक्षा पास नहीं की है, मीडिया को गुमराह किया

तर्कसंगत

Image Credits: News Track/News Track 2

February 4, 2020

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बैंगलोर मिरर की एक ख़बर के मुताबिक बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) के बस कंडक्टर, मधु एन सी ने पिछले साल जून में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सर्विस प्रीलिम्स की परीक्षा पास की थी।

बैंगलोर मिरर में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, 29 वर्षीय मधु ने मेन्स की तैयारी शुरू कर दी। मेन्स के परिणाम इसी महीने घोषित किए गए थे जिसके बारे में मधु ने बताया कि वो पास कर चुके हैं और साक्षात्कार की तैयारी कर रहे हैं। आर्टिकल में ये भी बताया गया BMTC की प्रबंध निदेशक और एक IAS अधिकारी सी शिखा ने मधु की तैयारियों में मदद की थी। बैंगलोर मिरर ने यह भी बताया था कि मधु ने कहा था कि उसके माता-पिता बहुत खुश हैं, हालांकि उन्हें पूरी तरह से समझ भी नहीं है कि उन्होंने कौन सी परीक्षा पास की है या इसका क्या मतलब हो सकता है?

 

दावा

बस कंडक्टर के प्रयासों की सराहना करते हुए इस आर्टिकल को सोशल मीडिया पर काफी सरहना मिली। मधु की कहानी को “दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता की एक सच्ची कहानी” के रूप में दर्शाया गया। अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा सहित ट्विटर ने उनके प्रयासों की प्रशंसा करने के लिए ट्वीट किया।

 

 

 

 

तर्कसंगत ने भी इस स्टोरी को कवर किया था जिससे दूसरे लोगों को प्रेरणा मिल सके.

 

फैक्ट चेक

तर्कसंगत ने 14 जनवरी, 2020 को प्राप्त एक यूपीएससी नोटिस का उपयोग किया, जिसमें उन उम्मीदवारों (नाम और रोल नंबर) के बारे में जानकारी थी, जिन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा में चयन के लिए पर्सनल इंटरव्यू  (साक्षात्कार) के लिए बुलाया गया था और जो भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और अन्य केंद्रीय सेवाएँ (समूह ‘A’ और समूह ‘B’) के लिए चुने जाते हैं। सावधानीपूर्वक जांच करने के बाद, यह पाया गया कि मधु का नाम उस सूची में नहीं था, जिसका अर्थ था कि उन्होंने परीक्षाओं को पास नहीं किया था।

इसके अलावा, मधु ने जो मार्कशीट दिखाई थी, वह वास्तव में उनकी नहीं थी, बल्कि मधु कुमारी की थी। समाचार पत्र बंगलौर मिरर के संपादक रवि जोशी ने फर्जी खबरों के बारे में स्पष्टीकरण जारी करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। ट्वीट्स के ज़रिये उन्होंने कहा, “हमें पता चला है कि बीएमटीसी बस कंडक्टर जिसने आईएएस मेन्स परीक्षा को क्रैक करने का दावा किया था वह झूठ बोल रहा था। हमारे पास यह विश्वास करने का कारण है कि उसने जो रोल नंबर हमें दिखाया था वह उसका नहीं था।”

 

 

एक अलग ट्वीट में, उन्होंने कहा, “मैं अपने सभी पाठकों से माफी मांगना चाहूंगा। यह धैर्य और दृढ़ संकल्प की इतनी शानदार कहानी थी कि बीएमटीसी के एमडी और उनके सभी वरिष्ठों ने उन्हें साक्षात्कार में मदद करने का फैसला किया। काश की ये कहानी सच्ची होती।”

 

 

इसके बाद मधु की कहानी की सच्ची जान कर कई ट्विटर यूजर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी सहारा लिया।

 

 

 

कथित तौर पर, BMTC अब यह जांच कर रही है कि कंडक्टर ने अपने रिजल्ट के बारे में कैसे और क्यों गलत जानकारी दी?

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