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बच्चा चोरी की अफवाह कर भीड़ ने ली एक व्यक्ति की जान, 5 घायल, तीन गिरफ्तार

तर्कसंगत

Image Credits: Hindustan

February 6, 2020

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मध्य प्रदेश में बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने बुधवार को 5 किसानों और उनके ड्राइवर को लाठी-पत्थरों से बुरी तरह पीटा। इसमें एक की मौत हो गई, जबकि 5 लोगों की हालत गंभीर है। भीड़ ने किसानों की दो कारों में तोड़फोड़ की। घटना तिरला इलाके के खड़किया गांव की है। पीड़ित उज्जैन जिले के लिंबी पिपलिया गांव के रहने वाले हैं। 5 किसान मजदूरों से अपना एडवांस रुपया लेने गांव पहुंचे थे, जहां रुपए नहीं देने का मन बना चुके मजूदरों ने बच्चा चाेरी की अफवाह फैला दी।

एसपी ने बताया कि इन्दौर जिले के श्योपुर खेड़ा के रहने वाले विनोद मुकाती ने धार के बोरलाई गांव के रहने वाले पांच मजदूरों को इंदौर में मजदूरी करने के एवज में 50-50 हजार रुपऐ अग्रिम दिए थे। लेकिन मजदूर बगैर मजदूरी किए अपने गांव वापस आ गए। जब मुकाती ने अपने पैसे लौटाने का दबाव बनाया तो इन मजदूरों ने मुकाती को अपने गांव बुलाया।

उन्होंने बताया कि जब मुकाती अपने छह साथियों के साथ गांव पहुंचे तो मजदूरों ने उन पर हमला कर दिया। इस पर मुकाती और उसके साथी वहां से भागे तो मजदूरों ने ग्रामीणों के बीच यह अफवाह फैला दी कि बच्चा चोर गिरोह भाग रहा है। इसके बाद अन्य ग्रामीणों ने भाग रहे मुकाती और उनके साथियों को पकड़कर पत्थर और लाठियों से जमकर पीटा। इस हमले में गणेश पटेल की मौत हो गई।

 

 

जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि यह घटना जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर हुई। मृतक की पहचान इंदौर निवासी गणेश पटेल के तौर पर हुई है। उन्होंने बताया कि हमले में छह लोग गंभीर रुप से घायल हुए हैं और उन्हें इन्दौर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जबकि मुकाती और पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारी ने कहा, उन्हें इंदौर के एक अस्पताल ले जाया गया। कार चालक गणेश (38) को बड़वानी रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जगदीश राधेश्याम शर्मा (45), नरेंद्र सुंदरलाल शर्मा (42), विनोद तुलसीराम मुकाती (43), रवि पिता शंकरलाल पटेल (38), जगदीश पूनमचंद शर्मा को इंदौर लाया गया है। रवि की हालत गंभीर है।

एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने कहा कि मामले में सरपंच और भाजपा नेता रमेश जूनापानी, सत्या पिता तसल्लया, गलिया पिता भूरा निवासी भूतिया को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि हादसे के वक्त भाजपा सरपंच वहां उपस्थित थे और उन्होंने भीड़ को भड़काने का काम किया।

डीजीपी ने मामले में पुलिसकर्मियों की लापरवाही के साथ-साथ भीड़ को भी जिम्मेदार ठहराया है। डीजीपी ने कहा कि घटना का वीडियो बनाने वालों को भी आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित करना चाहिए था।

इस घटना के बाद मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर विभाग ने कार्रवाई की है. इस मामले में टीआई, एसआई और तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। कहा गया है कि इस मामले में अगर अन्य पुलिसकर्मी भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनपर भी कार्यवाही की जाएगी।

वहीं स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट मॉब लिंचिंग में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए चोइथराम अस्पताल पहुंचे. घायलों से मिलने के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जांच के लिए एसआईटी टीम गठित कर दी गई है।

 

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