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ट्रंप के दौरे से पहले अहमदाबाद में झुग्गियों में रहने वाले 45 परिवारों को हटने का नोटिस

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Image Credits: Navjivan

February 18, 2020

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अहमदाबाद नगर निगम ने 17 फरवरी को मोटेरा स्टेडियम के पास झुग्गी में रहने वाले 45 परिवारों को घर खाली कराने का नोटिस थमाया है. मोटेरा स्टेडियम वही जगह है जिसे पिछले कुछ दिनों से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मेहमाननवाजी के लिए तैयार किया जा रहा है. डोनाल्ड ट्रंप 24 फरवरी को दो दिन के भारत के दौरे पर आने वाले हैं. वो 24 फरवरी को गुजरात के अहमदाबाद जाने वाले हैं.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे से पहले अहमदाबाद नगर निगम ने नए-नए बने मोटेरा स्टेडियम के पास बनी एक झुग्गी-बस्ती में रहने वाले 45 परिवारों को जगह छोड़ने का नोटिस दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक ये सभी निर्माण कार्य करने वाले मजदूर हैं जो बीते दो दशक से यहां पर रह रहे हैं. इनमें से एक 35 साल के तेजा मेढ़ा का कहना था, ‘नगर निगम वाले नोटिस देने आए और हमसे कहा कि जितनी जल्दी हो जाए हम ये जगह खाली कर दें. उनका कहना था कि अमेरिका के राष्ट्रपति आ रहे हैं.’

हालांकि अधिकारियों ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि इस नोटिस का ट्रंप की यात्रा से कोई संबंध नहीं है. एएमसी नोटिस के मुताबिक, “अतिक्रमित भूमि एएमसी के अंतर्गत आती है और यह एक नगर नियोजन योजना का हिस्सा है. झुग्गी-झोपड़ी वालों को सात दिनों के भीतर खाली करने को कहा गया है.” एएमसी के उस्मानपुरा कार्यालय में सहायक टीडीओ (मोटेरा वार्ड) ने कहा, “मोटेरा स्टेडियम में अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यक्रम से इसका कोई लेना-देना नहीं है.”

मोटेरा स्टेडियम को 24 फरवरी को होने वाले एक भव्य स्वागत समारोह के लिए तैयार किया जा रहा है. इसे नमस्ते ट्रंप नाम दिया गया है. उधर, अहमदाबाद नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन परिवारों को दिए गए नोटिस का इस कार्यक्रम से कोई लेना-देना नहीं है.

 

दीवार भी बना रहा है अहमदाबाद नगर निगम

इसके पहले अहमदाबाद नगर निगम सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को इंदिरा ब्रिज से जोड़ने वाली सड़क पर एक दीवार बना रहा है. माना जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी इसी रास्ते पर रोड शो करेंगे. नगर निगम जिस दीवार का निर्माण कर रहा है, वो करीब आधा किलोमीटर के रास्ते में है और छह से सात फीट ऊंचा है. खबर के मुताबिक 500 से ज्यादा कच्चे मकानों की यह बस्ती दशकों पुराने देव सरन और सरनियावास स्लम एरिया का हिस्सा हैं है. जहां करीब 2500 लोग रहते हैं. एएमसी साबरमती नदी के किनारे पर सौंदर्यीकरण के तहत खजूर के पेड़ लगाएगी.

 

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