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हरियाणा में अगले महीने 447 नियमित, 342 एडहॉक डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी

तर्कसंगत

February 26, 2020

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हरियाणा में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने नया फार्मूला निकाला है। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को पढ़ाई के बाद 2 वर्षों तक सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देनी होंगी। ये नियम इसी वर्ष से लागू होंगे। यानी इस वर्ष एमबीबीएस में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को फार्म के साथ ही इस शर्त को पूरा करने के लिए शपथ-पत्र देना होगा।
राज्य में डॉक्टरों की कमी के मुद्दे पर विस में उठी आवाज पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने यह खुलासा किया। विज ने कहा कि प्रदेश में यह शर्त लागू होने के बाद हर साल राज्य में 1600 डॉक्टर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में 4 नये मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद यह आंकड़ा और भी बढ़ेगा। सरकार मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों में बढ़ोतरी करने के लिए केंद्र सरकार से बात कर रही है।

 

डॉक्टरों की कमी को स्वीकारा

असंध से कांग्रेस विधायक शमशेर सिंह गोगी ने हलके में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनके यहां महिलाओं के लिए एक भी डॉक्टर नहीं है। अस्पताल में रात के समय पैरा-मेडिकल स्टाफ के लोग ही मरहम-पट्टी करते हैं। इस पर विज ने स्वीकार किया कि डॉक्टरों की कमी है, यह कमी पूरे देश में है। डब्ल्यूएचओ के मापदंड के हिसाब से 1000 लोगों पर एक डॉक्टर होना चाहिए लेकिन हरियाणा में 1800 पर एक डॉक्टर उपलब्ध है।

 

बड़ी मात्रा में होगी भर्ती

विज ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जल्द ही स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग ने 1583 स्टाफ नर्स, 92 फार्मासिस्ट, 197 रेडियाेग्राफर, 307 लैब टेक्निशियन, 432 एमपीएचडब्ल्यू, क्लास फोर के 1782 पदों के अलावा 29 डेंटल टेक्निशियन व अन्य पदों को भरने का निर्णय लिया है। विज ने कहा, जहां भी कोई पद खाली होता है, वहीं पर भर्ती कर ली जाएगी। प्रदेश में करीब 30 फीसदी तक ओपीडी बढ़ी है। हरियाणा में सेक्स रेश्यो बढ़ा है, जबकि मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आई है।

 

‘अब एक भी पद नहीं रहने देंगे खाली’

विज ने कहा कि अब सरकार ने तय किया है कि डॉक्टर का एक भी पद खाली नहीं रहने दिया जाएगा। पद के खाली होते ही उस पर तुरंत प्रभाव से एडहॉक आधार पर डॉक्टर नियुक्त होंगे। एमबीबीएस डॉक्टरों को वेतन की बजाय 85 हजार और विशेषज्ञों को डेढ़ लाख रुपये मानदेय दिया जाएगा। सरकार ने शुरुआत में 342 डॉक्टरों को एडहॉक पर रखने की मंजूरी भी दे दी है। उन्होंने कहा कि 447 डॉक्टरों की नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। रोहतक स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा इन मेडिकल आफिसरों के लिए पहली मार्च को लिखित परीक्षा ली जाएगी। लिखित परीक्षा के बाद मैरिट लिस्ट बनेगी और मार्च के दूसरे सप्ताह तक डॉक्टरों को नियुक्ति-पत्र दे दिए जाएंगे। पैरा-मेडिकल स्टाफ पर विज ने कहा कि खाली पदों को भरने के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को लिखा जा चुका है।

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