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दिल्ली हिंसा: वीडियो में ज़मीन पर घायल पड़े हुए लोगों में दिख रहे लोगों में से एक ने दम तोड़ दिया

तर्कसंगत

Image Credits: Fahad Ahmad/Twitter

March 2, 2020

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एक वीडियो 26 फरवरी मंगलवार से काफी वायरल होना शुरू हुआ, जिसमें पुलिस और घायल लोगों को दिखाया गया है और इस वीडियो में दिल्ली दंगों के दौरान पांच लोगों को राष्ट्रगान और वंदे मातरम गाने के लिए पुलिस द्वारा दबाव डाला जा रहा है। वीडियो में ज़मीन पर घायल पड़े हुए लोगों में दिख रहे लोगों में से एक ने दम तोड़ दिया है।

वीडियो में देखे गए दो व्यक्तियों के परिवारों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया है कि इस वीडियो को 25 फरवरी, सोमवार की शाम कर्दम पुरी में शूट किया गया था, जब पुलिस पूर्वोत्तर दिल्ली हिंसा को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रही थी।

 

कर्दम पुरी निवासी फैजान की एलएनजेपी अस्पताल में मौत हो गई।

अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. किशोर सिंह ने कहा, “वह मंगलवार को अस्पताल के न्यूरोसर्जरी वार्ड में भर्ती थे और गुरुवार सुबह तड़के उनकी मौत हो गई। उन्हें गनशॉट लगा था और उनकी हालत गंभीर थी।”

इधर घटना पर संज्ञान लेते हुए डीसीपी (पूर्वोत्तर) वेद प्रकाश सूर्या ने कहा, “दिल्ली पुलिस इस मामले में पूछताछ कर रही है।”

वीडियो में दिख रहे कौसर अली (46) के बेटे 22 वर्षीय तारिक अली ने कहा: “मुझे सोमवार रात 10 बजे के आसपास किसी का फोन आया कि मेरे पिता घायल हो गए हैं और जीटीबी अस्पताल में हैं। मैंने बाद में फेसबुक पर यह वीडियो देखा … मेरे पिता इसमें हैं। ” तारिक ने कहा कि उस दिन, उनके पिता, जो कि एक चित्रकार हैं, इंडिया गेट से कर्दम पुरी के घर लौट रहे थे।

25 वर्षीय रफीक के चाचा असलम खान ने भी वीडियो में अपने भतीजे को देखा, उन्होंने कहा: “वह एक मस्जिद के पास खड़ा था जब पुलिस ने आंसूगैस के गोले दागे तो कुछ लोग उसमें फंस गए और पुलिस ने उनका पकड़ा क्योंकि पुलिस को लगा कि वे उपद्रवी हैं … देर शाम, हमें एक फ़ोन आया  कि वह जीटीबी अस्पताल में था … उसे ज्योति नगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया और मंगलवार रात को छुट्टी दे दी गई।”

फैजान का शव, जो एलएनजेपी अस्पताल की मोर्चरी में है, पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

 

 

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