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बिहार: इंटरमीडिएट की कॉपी चेक न करने वाले शिक्षकों को सस्पेंड किया, मगर एक गड़बड़ी हो गयी

तर्कसंगत

Image Credits: Freepik

March 3, 2020

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बिहार की शिक्षा व्यवस्था कई बार कई कारणों से अखबारों के सुर्ख़ियों में रहती है. बिहार का शिक्षा विभाग अपनी अनोखी कार्यशैली के लिए चर्चा में है. खबर है कि शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों को निलंबित कर दिया है जिन्होनें इंटरमीडिएट के छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच नहीं कर रहे थे, मगर इसमें एक पेंच है और वो ये कि इसमें उस शिक्षक को निलंबित किया गया है जिसकी दो साल पहले मृत्यु हो चुकी है.

आपको बता दें की बिहार बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा पिछले महीने संपन्न हुई.

28 फरवरी को बेगूसराय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से आदेश निकाला गया. आदेश के अनुसार इस साल इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपी चेक करने वाले अनुपस्थित शिक्षकों को निलंबित करना था जिसमें स्वर्गीय रणजीत कुमार यादव का नाम भी शामिल है. आदेश के अनुसार उनसे ये अपेक्षा थी कि वह बेगूसराय के एक केंद्र में कॉपियों की जांच करें चूंकि उन्होनें ऐसा नहीं किया इसलिए उन्हें निलंबित किया जा रहा है.

स्थायी पद की मांग को लेकर 17 फरवरी से संविदा (टेम्पोरेरी) शिक्षक हड़ताल पर चले गए. कुछ ऐसी घटनाएं भी हुई हैं जब कुछ शिक्षकों, जिन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं की जाँच के लिए नामित केंद्रों पर जाने की कोशिश की तो  प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित रूप से उनकी पिटाई की गई। इसके चलते कई शिक्षक कॉपी की जांच करने नहीं जा सके.

सहायक निदेशक, बिहार शिक्षा विभाग अमित कुमार ने मामले का संज्ञान लिया है और मामले में जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

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