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कर्नाटक बीजेपी नेता ने 101 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी को कहा ‘पाकिस्तानी एजेंट’

तर्कसंगत

Image Credits: Varthabharati

March 3, 2020

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कर्नाटक असेंबली का बजट सेशन चल रहा है. 2 फरवरी को सेशन के दौरान सदन में नेताओं के बीच इतना वाद-विवाद हो गया कि सेशन को बीच में ही रोकना पड़ा. हंगामे की जड़ में हैं कर्नाटक के 101 साल के बुज़ुर्ग दुरईस्वामी.

एच.एस. दुरईस्वामी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हैं. अपने बयानों में हमेशा मुखर रहते हैं. अक्सर सरकारों के ख़िलाफ़ बोलते रहते हैं. कर्नाटक की येदियुरप्पा सरकार के एक विधायक बसन गौड़ा यतनाल ने दुरईस्वामी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक नेता द्वारा 102-वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी एच.एस. दुरईस्वामी के खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर सोमवार को हुई ज़ोरदार बहस के बाद कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था.

यतनाल ने 25 फरवरी को एक संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी कांग्रेस के ‘संविधान बचाओ’ सभा से जुड़े एक सवाल के जवाब में किया था. पाटिल ने कहा, ‘कई फर्जी स्वतंत्रता सेनानी हैं. एक बेंगलुरु में भी हैं. हमें अब बताना पड़ेगा कि दौरेस्वामी क्या हैं. वह वृद्ध कहां हैं? वह पाकिस्तान के एजेंट की तरह व्यवहार करते हैं’.

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष ईश्वर खांडरे ने NDTV से कहा, “BJP नेताओं, विशेष रूप से बसवराज यतनाल, ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणियां की हैं… उन्होंने श्री एच.एस. दुरईस्वामी को पाकिस्तानी एजेंट कहा… यह राष्ट्र-विरोधी है… हमने विधानसभा में मांग की है कि सरकार त्वरित कार्रवाई करे, और उनके खिलाफ केस दर्ज करे, विधायक पद से निष्कासित करे, और सदन का सम्मान और मर्यादा को बरकरार रखे…”

बहरहाल ऐसा नहीं कि केवल बसन गौड़ा यतनाल  ने ही ऐसी टिप्पणी की , बल्कि पार्टी के दूर नेताओं ने भी उनका समर्थन किया प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने कोडागु में शनिवार 29 फरवरी को यतनाल की टिप्पणी पर कहा,दौरेस्वामी बुजुर्ग हैं और हम सबके वरिष्ठ हैं. उन्होंने कई विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है. उन्हें भी ध्यान देना चाहिए कि क्या बोलना चाहिए और इससे किसकी भावनाएं आहत होंगी. अगर आप बुरा बोलेंगे तो बुरा सुनेंगे भी.’

बेल्लारी सिटी के विधायक जी सोमशेखर रेड्डी ने भी यतनाल का समर्थन करते हुए कहा कि उनका बयान उचित था. उन्होंने कहा,‘उनके बयान में कुछ भी गलत नहीं है. यह पूरी तरह सही. मैं उनका समर्थन करता हूं. सिर्फ स्वतंत्रता सेनानी होना ही अच्छा नहीं है, बल्कि उन्हें ‘देशभक्त’ भी होना चाहिए, जो देश की एकता और अखंडता की रक्षा करे.’

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बसवराज यतनाल की टिप्पणियां संविधान विरोधी हैं, क्योंकि एच.एस. दुरईस्वामी जैसे स्वतंत्रता सेनानी का अपमान कर बसवराज यतनाल ने स्वतंत्रता संग्राम का अपमान किया है, जो हमारे ‘मौलिक कर्तव्यों का उल्लंघन’ है.

 

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