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उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में कुलदीप सेंगर दोषी करार

तर्कसंगत

Image Credits: Hindustan

March 4, 2020

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उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत सात लोग दोषी करार दिये गये हैं। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को हत्या के बजाय गैर इरादतन हत्या का दोषी माना। चार आरोपितों को बरी कर दिया। सजा सुनाने के लिए 12 मार्च की तारीख तय की गई है. उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हत्या पुलिस हिरासत के दौरान हुई थी. इससे पहले पीड़िता के बलात्कार के मामले में उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई जा चुकी है। इसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में अपील की है।

साल 2017 में एक नाबालिग से बलात्कार के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को अप्रैल 2018 में गिरफ्तार किया गया था। बीते अगस्त में यह मामला एक बार फिर उस वक्त चर्चा में आया जब इसकी पीड़िता उत्तर प्रदेश के ही रायबरेली में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई। उस दुर्घटना में उसकी दो महिला रिश्तेदारों की भी मौत हो गई थी। साथ ही उसका वकील भी बुरी तरह घायल हो गया था। इस मामले की सुनवाई अब भी चल रही है।

पीड़िता के पिता के हत्या के मामले पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि रेप पीड़िता के पिता को इतनी बुरी तरह से पीटा गया था कि मौत हो गई। मृतक के शरीर पर 18 जख्म थे। इस मामले में आरोपी कॉन्स्टेबल अमीर खान को कोर्ट ने बरी कर दिया है। आरोपी शरदवीर सिंह उर्फ गुड्डू सिंह, टिंकू सिंह और सोन को भी कोर्ट ने बरी कर दिया है। बता दें कि दुष्कर्म पीड़िता के पिता की 9 अप्रैल, 2018 को न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी।

 

कौन हुआ दोषी करार

पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, कामता प्रसाद (सब इंस्पेक्टर), अशोक सिंह भदौरिया (एसएचओ), विनीत मिश्रा उर्फ विनय मिश्रा, बीरेंद्र सिंह उर्फ बउवा सिंह, शशि प्रताप सिंह उर्फ सुमन सिंह और जयदीप सिंह उर्फ अतुल सिंह को इस मामले में दोषी करार दिया गया है।

 

कौन हुआ बरी

शैलेंद्र सिंह उर्फ टिंकू सिंह, राम शरण सिंह उर्फ सोनू सिंह, अमीर खान कॉन्स्टेबल और शरदवीर सिंह को इस गैंगरेप पीड़िता के पिता की हत्या के आरोप में बरी कर दिया गया है।

 

 

पहले पीड़िता के पिता को गिरफ्तार करवाया फिर उसकी हत्या

बता दें कि पुलिस हिरासत में दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत का मामला 9 अप्रैल, 2018 का है। परिवार ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह ने रसूख के बल पर उसके पिता को पहले गिरफ्तार करवाया फिर हत्या करवा दी। नालाबिग लड़की से दुष्कर्म के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, अगर इस मामले में भी सजा मिली तो उनके लिए जमानत मिलना मुश्किल होगा।

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