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यूपी में दो से ज़्यादा बच्चे वाले लोगों पर योगी सरकार की गिर सकती है गाज

तर्कसंगत

March 6, 2020

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जनसंख्या पर नियंत्रण को लेकर योगी सरकार Two children Policy के लिए काफी गंभीर दिख रही है। जल्द ही इसे लेकर राज्य सरकार कोई बड़ा कदम उठा सकती है। इस दिशा में योगी सरकार गंभीरता से काम कर रही है। माना जा रहा है कि इस नए जनसंख्या नियंत्रण नीति के तहत, उत्तर प्रदेश में जिनके दो से ज्यादा बच्चे होंगे, वो राज्य सरकार की किसी भी कल्याण योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे और न ही पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे। ऐसे व्‍यक्तियों को सामाजिक कल्‍याण योजनाओं या पंचायत चुनाव में भाग लेने की अनुमति पर रोक लगा सकती है। राज्‍य सरकार एक नई जनसंख्‍या नीति बना रही है जिसमें ये प्रावधान किए जा सकते हैं।

एबीपी की रिपोर्ट के अनुसार स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जय प्रताप सिंह ने बुधवार को कहा कि नई नीतियां जल्‍द ही घोषित की जाएंगी। उन्‍होंने कहा, ‘अन्‍य राज्‍यों की जनसंख्‍या नीतियों का अध्‍ययन किया जा रहा है और उनमें से सबसे अच्‍छी नीतियों को लिया जाएगा और देश की सबसे अधिक आबादी वाले राज्‍य में लागू किया जाएगा।’ उन्‍होंने कहा कि विशेषज्ञों का एक दल एक मसौदा नीति का अध्‍ययन कर रहा है। इससे पहले वर्ष 2000 में जनसंख्‍या नीति की समीक्षा की गई थी।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार विशेषज्ञों की समिति में सदस्‍य परिवार कल्‍याण महानिदेशक डॉक्‍टर बद्री विशाल ने बताया कि दक्षिण भारत के राज्‍य जनसंख्‍या नियंत्रण करने में सफल हो गए हैं। हालांकि उत्‍तर भारत के राज्‍य अभी भी इस दिशा में संघर्ष कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि हमसे जनसंख्‍या में कम राजस्‍थान और मध्‍य प्रदेश ने जिन लोगों के ज्‍यादा बच्‍चे हैं, उन्‍हें सुविधाएं देना कम कर दिया है। इन राज्‍यों में जिन लोगों के दो से ज्‍यादा बच्‍चे हैं, उन्‍हें पंचायत चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं है। हमने इस नीति को अपनाने का प्रस्‍ताव दिया है।

सूत्रों के मुताबिक जिन लोगों के दो से ज्‍यादा बच्‍चे हैं, उन्‍हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित करने के प्रस्‍ताव पर भी विचार किया गया है। एक अधिकारी ने कहा, ‘हालांकि यह बहुत कठिन फैसला है, कई राज्‍य जिन सरकारी कर्मचारियों के दो से ज्‍यादा बच्‍चे हैं, उन्‍हें स्‍कूल फीस भत्‍ते रिबर्स नहीं करते हैं।’

 

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