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3 महीने बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया की लाइब्रेरी फिर से स्टूडेंट्स के लिए खुल गई है

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Image Credits: Twitter/DamniKain

March 12, 2020

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जामिया मिल्लिया इस्लामिया की लाइब्रेरी फिर से स्टूडेंट्स के लिए खुल गई है। 15 दिसंबर को हुए प़ुलिस एक्शन में इस लाइब्रेरी में काफी तोड़फोड़ हुई थी। इसके बाद से इसे दुरुस्त किया जा रहा था। बुधवार को न्यू लाइब्रेरी यानी जाकिर हुसैन लाइब्रेरी को खोला गया और स्टूडेंट्स ने पढ़ाई भी की। स्टूडेंट्स लाइब्रेरी में पहुंचकर काफी खुश नजर आए।

 

 

जामिया की जाकिर हुसैन लाइब्रेरी एक बार फिर खुल चुकी है। इस लाइब्रेरी की कैपिसिटी 800 स्टूडेंट्स की है। रीडिंग हॉल, रिसर्च फ्लोर, रेफरेंस और पीरियॉडकल सेक्शन, डिजिटल रिसोर्स सेंटर, 150 कंप्यूटर के साथ ही इस लाइब्रेरी को फिर से शुरू किया। इसका बुक और रिसर्च सेक्शन रात 12 बजे तक के लिए खुला रहा और इस दौरान बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स पढ़ने पहुंचे। जामिया प्रशासन का कहना है कि पूरी कोशिश की गई है कि स्टूडेंट्स को बेहतर सुविधाएं दोबारा मिले। लाइब्रेरी में नई एलईडी लाइट्स और आरामदायक कुर्सियां लगा दी गई हैं।

करीब 3 महीने बाद लाइब्रेरी खुली है। इस दौरान इस लाइब्रेरी के स्टाफ को फैकल्टी और डिपार्टमेंट की लाइब्रेरी में तैनात किया गया था। ऑफिशिएटिंग वाइस चांसलर प्रो इलिहास हुसैन ने कहा, लंबे अरसे बाद यह लाइब्रेरी खुली है, स्टूडेंट्स के लिए यह अच्छी खबर है। हमें उम्मीद है कि लाइब्रेरी का ओल्ड सेक्शन में भी काम जल्द खत्म होगा और जल्द से जल्द यह खुल जाएगा।

 

 

आगे के कुछ दिनों में इंफर्मेशन टेक्नॉलजी और कम्यूनिकेशन टेक्नॉलजी से जुड़ी सुविधाएं भी मजबूत की जाएंगी। प्रशासन का कहना है कि यह बहुत संतोष की बात है कि कई बाधाओं के बावजूद लाइब्रेरी ने अपने बजटीय आवंटन का पूरी तरह से इस्तेमाल किया और इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस में अपना सब्स्क्रिप्शन भी रिन्यू किया। इसके अलावा, इस खाली समय में लाइब्रेरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर को ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर में माइग्रेट किया गया।

15 दिसंबर को जामिया की लाइब्रेरी में हुए पुलिस एक्शन के दौरान लाइब्रेरी को बड़े लेवल पर नुकसान पहुंचा था। लाइब्रेरी की सीटें, शीशे, दरवाजे, खिड़कियां, कंप्यूटर, टेबल-चेयर और सीसीटीवी तक तोड़फोड़ दिए गए थे। कई स्टूडेंट्स को भी काफी चोटें आई थीं। इस लाइब्रेरी में ही जामिया स्टूडेंट मिन्हाजुद्दीन, मुस्तफा को काफी गंभीर चोटें आई थीं।

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