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बिहार: कोरोना वायरस फैलाने के लिए चीनी राष्ट्रपति के खिलाफ शिकायत

तर्कसंगत

March 18, 2020

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बिहार की एक कोर्ट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ जानबूझकर कोरोना वायरस फैलाने की शिकायत दायर की गई है। कोर्ट 24 मार्च को इस शिकायत पर सुनवाई करेगी।

सुधीर कुमार ओझा नामक वकील ने मुजफ्फरपुर की जिला कोर्ट में ये शिकायत दायर की है। इसमें एक किताब का हवाला देते हुए उन्होंने कहा है कि चीन ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए ये वायरस फैलाया है। ओझा ने अपनी याचिका में कहा है कि चीन ने विश्व शक्ति बनने के लिए कोरोना वायरस ईजाद किया है। इसमें 1981 में प्रकाशित ‘द आईज ऑफ डार्कनेस’ नामक किताब का उल्लेख किया गया है जिसमें वुहान शहर में चीन के ‘वुहान 400’ नामक वायरस बनाने की बात कही गई है।

किताब के अनुसार, चीन ने एक बॉयोलिजिकल हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए सबसे छिपकर इस वायरस को बनाया। शिकायत में आगे कहा गया है कि चीन ने जानबूझकर इस वायरस को फैलाया है ताकि भारत की आम जनता इससे ग्रसित हो, इससे उनकी मृत्यु हो और भारत को आर्थिक नुकसान उठाना पड़े। इसमें कहा गया है कि भारत और पूरे विश्व में सैकड़ों लोग इससे ग्रसित हुए हैं और कई लोगों की मौत भी हुई है।

शिकायत में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ-साथ भारत में चीन के राजदूत सनवेंइडोंग को भी आरोपी बनाया गया है।

ये पहली बार नहीं है जब कोरोना वायरस की पृष्ठभूमि में ‘द आईज ऑफ डार्कनेस’ नामक ये किताब चर्चा में आई है। दुनियाभर में कई लोगों ने इस किताब के हिस्से ट्वीट कर चीन के जानबूझकर वायरस फैलाने की अफवाहों को जोर दिया है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी भी इस किताब का एक हिस्सा ट्वीट कर चुके हैं।

किताब के वायरल हिस्सों में चीन के एक वैज्ञानिक के ‘वुहान 400’ वायरस अमेरिका लाने की बात कही गई है।  अमेरिकी लेखक डीन कूंट्ज द्वारा लिखित इस काल्पनिक किताब के ‘वुहान 400’ वायरस और कोरोना वायरस में एकमात्र समानता ये है कि कोरोना वुहान से फैलना शुरू हुआ है। किताब में जहां ‘वुहान 400’ वायरस की मारक क्षमता 100 प्रतिशत बताई गई है, वहीं कोरोना वायरस के मामले में ये मात्र 3-4 प्रतिशत है।

यही नहीं किताब के पहले संस्करण में वायरस का नाम ‘गोर्की-400’ था जिसे 1989 के संस्करण में बदलकर ‘वुहान 400’ कर दिया गया।

चीन के वुहान शहर से फैलना शुरू हुए कोरोना वायरस से अब तक 152 देशों के 1,73,344 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 7019 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में इसके अब तक 147 मामले सामने आ चुके हैं और तीन लोगों की मौत हो चुकी है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) प्रमुख बलराम भार्गव के अनुसार, भारत में वायरस अभी दूसरे चरण में है और अभी तक सामुदायिक प्रसार का कोई मामला सामने नहीं आया है।

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