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फारूक के बाद अब उमर अब्दुल्ला को भी राहत, सरकार ने हटाया पीएसए

तर्कसंगत

March 24, 2020

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जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला के बाद अब उनके बेटे और जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएमउमर अब्दुल्ला पर से भी जनसुरक्षा कानून (पीएसए) हटा लिया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर से जनसुरक्षा कानून (पीएसए) हटा लिया गया है। उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर दो फरवरी को पीएसए लगाया गया था। हालांकि इस कार्रवाई के बाद 2 महीने का वक्त पूरा होने से पहले ही पीएसए हटाने के आदेश जारी कर दिए गए।

बता दें कि अब्दुल्ला बीते साल 4-5 अगस्त की रात से ही नजरबंद थे। 5 अगस्त 2019 को राज्य से अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए के अधिकतर प्रावधान रद्द करने संबंधी विधेयक राज्यसभा में पेश किए गए थे।

 

सारा पायलट ने दी थी चुनौती

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला पर पीएसए लगाने की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी गई थी। उमर को 5 अगस्त को ऐहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया था, जिसकी मियाद 2 फरवरी को खत्म हुई थी। इस अवधि के खत्म होने के पहले ही उमर पर पीएसए के तहत कार्रवाई की गई थी, जिसे उनकी बहन सारा पायलट ने सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया था।

 

उमर के मौलिक अधिकारों का हनन

सारा ने सुप्रीम कोर्ट में इस ऐक्शन के खिलाफ एक अपील करते हुए इसे उमर के मौलिक अधिकारों का हनन बताया था। सारा ने याचिका में कहा है कि उमर के खिलाफ सरकार के पास कोई सबूत नहीं है और सरकार से असहमत होना हर नागरिक का अधिकार है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने मांगा था जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर कई बार सुनवाई भी की थी। केंद्र से सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह पूछा भी था कि क्या वह उमर को हिरासत से रिहा करने पर विचार कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट के इस सवाल के कुछ वक्त बाद ही उमर से पीएसए हटाने के आदेश दिए गए।

 

 सरकार ने दी थी यह दलील

उमर अब्दुल्ला पर पीएसए लगाने के वक्त सरकार ने कहा था कि वह जनता के बीच काफी प्रभावी हैं। सरकार ने कहा था कि उमर अपने प्रभाव के कारण जनता की ऊर्जा का किसी भी रूप में प्रयोग कर सकते हैं, ऐसे में उन पर पीएसए लगाना जरूरी है।

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