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बैंक लॉकडाउन में ग्राहकों को मोराटोरियम का ऑप्शन दे रहे हैं, मगर इससे ब्याज पर कोई फर्क पड़ेगा?

तर्कसंगत

Image Credits: Punjab Kesari

April 3, 2020

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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ईएमआई पेमेंट में तीन महीने की राहत दी है. इसका मतलब है कि तीन महीने तक आपके लिए अपना ईएमआई चुकाना जरूरी नहीं है. अगर आप इस दौरान अपनी ईएमआई नहीं चुकाते हैं तो बैंक आप पर पेनाल्टी नहीं लगाएंगे.

भारतीय रिजर्व बैंक ने इस बारे में एक बयान जारी किया है. इसमें उसने कहा है, “सभी कमर्शियल बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, छोटे फाइनेंशियल बैंक और स्थानीय क्षेत्र के बैंक सहित), सहकारी बैंक, वित्‍तीय संस्‍थान और एनबीएफसी (हाउसिंग फाइनेंस कंपनी और माइक्रो-फाइनेंस संस्थान सहित) को 1 मार्च, 2020 तक बकाया सभी कर्जों के संबंध में किस्‍तों के भुगतान पर तीन महीने की मोहलत देने की अनुमति दी जा रही है.” इसका मतलब यह है कि जिन लोगों ने कर्ज लिए हैं, उनकी ईएमआई बैंक खातों से इतने समय तक नहीं कटेगी. इस अवधि के समाप्त होने के बाद ही कर्ज की ईएमआई का भुगतान दोबारा शुरू होगा.

केंद्रीय बैंक ने आगे कहा, “ग्राहकों को कोविड-19 से बिगड़ी स्थितियों का सामना करने में समर्थ बनाने के लिए राहत दी जा रही है. इसलिए लोन एग्रीमेंट के नियमों और शर्तों में बदलाव नहीं होगा. इससे उधार देने वालों के एसेट में गिरावट नहीं आएगी. कर्ज देने वाले संस्थान इस संबंध में बोर्ड की अनुमोदित नीति के अनुसार काम कर सकते हैं.”

वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय बैंक को ईएमआई, ब्याज और कर्ज अदायगी पर कुछ महीनों के लिए रोक लगाने का सुझाव दिया था. इसी के बाद रिजर्व बैंक ने यह एलान किया है. कई संगठनों ने सरकार से अनुरोध किया था कि ईएमआई भुगतान में थोड़े समय के लिए राहत दी जाए क्योंकि कोरोना वायरस के फैलने के कारण देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन है. इससे कारोबार पर असर पड़ा है. आरबीआई के इस कदम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.

कई लोग, विशेष रूप से अपना कारोबार करने वाले व्यक्तियों के लिए इनकम में हुए नुकसान के कारण कार, होम आदि जैसे अपने लोन की किस्त दे पाना मुश्किल हो गया था. अगर वे किसी भी ईएमआई भुगतान से चूकते तो उनके खिलाफ बैंक कार्रवाई कर सकते थे. उनके क्रेडिट स्‍कोर को भी नुकसान हो सकता था. आरबीआई के नियमों के अनुसार, डिफॉल्‍ट की 30 दिनों के भीतर पहचान करनी पड़ती है. इन खातों को विशेष रूप से वर्गीकृत करना पड़ता है.

अब तक हम में से कई लोगों को इस महीने बैंक की तरफ से मैसेज आ चूक होगा की आप मोराटोरियम ऑप्शन का इस्तेमाल कर अपने ईएमआई को कुछ दिनों के लिए टाल सकते हैं. तो आइये समझते हैं कि….

 

मोराटोरियम का क्या मतलब है?

मोराटोरियम उस अवधि को कहते हैं जिस दौरान आपको लिए गए कर्ज पर ईएमआई का भुगतान नहीं करना पड़ता है. इस अवधि को ईएमआई हॉलीडे के रूप में भी जाना जाता है. आमतौर पर ऐसे ब्रेक की पेशकश इसलिए की जाती है ताकि अस्थायी वित्तीय कठिनाइयों का सामना करने वाले व्यक्तियों को इससे उबरने में मदद मिले.

 

कौन लेता है टर्म लोन?

लोग घर खरीदने, कार खरीदने या दूसरी जरूरतों के लिए बैंकों से कर्ज लेते हैं. छोटी फर्मों को भी अपना कारोबार बढ़ाने के लिए अक्‍सर कर्ज की जरूरत पड़ती है. टर्म लोन ऐसी ही जरूरतों को पूरा करता है. अपनी जरूरत के हिसाब से इसे छोटी या लंबी अवधि के लिए कोई ले सकता है. लेकिन, इसमें कई तरह की शर्तें भी होती हैं. लोन की ब्‍याज दरें भी कई बातों पर निर्भर करती हैं.

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