ख़बरें

चेकिंग के दौरान RSS कार्यकर्ताओं की ‘तैनाती’ की तस्वीरों को लेकर विवाद, पुलिस ने कहा इजाजत नहीं थी

तर्कसंगत

Image Credits: Friends Of RSS/Twitter

April 13, 2020

SHARES

तेलंगाना में एक पुलिस चौकी पर कथित रूप से आरएसएस कार्यकर्ताओं की तैनाती की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया, जिसके चलते एक पुलिस निरीक्षक को वहां से हटा दिया गया. अधिकारियों ने रविवार को कहा कि स्वयंसेवकों को इसकी अनुमति नहीं दी गई थी और उन्हें वहां से चले जाने के लिये कहा गया है.

 

 

वहीं, आरएसएस ने इन खबरों के झूठा बताते हुए खारिज कर दिया कि उसके कार्यकर्ता पुलिस चौकी पर पहचान पत्र चेक कर रहे थे. संघ ने कहा कि यह खबरें ”संकीर्ण और निहित स्वार्थों” से प्रेरित हैं. सोशल मीडिया पर घूम रही तस्वीरों में आरएसएस के स्वयंसेवक कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान कथित रूप से यदाद्री भोंगीर जिले में एक चौकी पर तैनात दिखाई देते हैं. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसपर आपत्ति जतायी है.

उन्होंने पूछा कि ”लाठी लिये” आरएसएस के कार्यकर्ताओं को चौकी से गुजरने वाले वाहन सवार लोगों के कागज जांचने की अनुमति किसने दी. उन्होंने उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की भी मांग की. मजलिस बचाओ तहरीक पार्टी के प्रवक्ता अमजद उल्ला खान ने एक बयान में मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा.

उन्होंने पूछा कि क्या यह टीआरएस सरकार की नरम हिंदुत्व की नीति है या फिर आरएसएस समर्थक तेलंगाना सरकार के अधिकारी अपनी मर्जी से ऐसा कर रहे हैं. हालांकि पुलिस ने कहा कि पिछले सप्ताह कॉलेज के कुछ छात्रों ने सादे कपड़ों में स्वयंसेवा और कुछ चौकियों पर भोजन और पानी वितरित करने में पुलिस की मदद की पेशकश की थी.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अचानक वे सब नौ अप्रैल को आरएसएस की वर्दी में आए और फिर उन्होंने चौकी के नजदीक कुछ तस्वीरें उतारीं. इसके बाद उन्हें वहां से चले जाने के लिये कह दिया गया. अधिकारी ने कहा कि पुलिस निरीक्षक (अलायर चौकी के तहत आने वाली चौकी के प्रभारी) को तभी दूसरी जगह भेज दिया गया और मुख्यालय को इसकी सूचना दे दी गई.

उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तेलंगाना राज्य के सचिव के. रमेश ने कहा कि संघ के कार्यकर्ता प्रशासन के कामकाज में दखल नहीं देते और पूरी तरह अनुमति मिलने के बाद ही अपना काम करते हैं.

राचकोंडा के पुलिस आयुक्त महेश भागवत, जिनके अधिकार क्षेत्र में आरएसएस के स्वयंसेवकों द्वारा वाहनों की जांच करते हुए और ड्राइवरों से आईडी कार्ड मांगते हुए देखा गया था, ने तस्वीरों और घटना की प्रामाणिकता की पुष्टि की.

उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘हमें गुरुवार को भोंगीर से कुछ तस्वीरें मिलीं. हमने पूछताछ की और पुष्टि की कि वे (आरएसएस के सदस्य) स्वयंसेवा करने आए थे. हमारे लोगों ने विनम्रता से उनसे कहा कि हम अपना काम कर सकते हैं और वे अपना काम कर सकते हैं.’ आयुक्त ने आगे कहा, ‘ये पुलिस का काम है और हम अपना काम कर सकते हैं. कोई इजाजत नहीं दी गई थी.’

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...