ख़बरें

प्रधानमंत्री मोदी : जो रोज की कमाई से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं, वो मेरा परिवार हैं, 3 मई तक बढ़ा लॉकडाउन

तर्कसंगत

April 14, 2020

SHARES

चाइनीज वायरस कोरोना महामारी के कारण देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन के 21 दिन आज पूरे हो रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने की घोषणा कर दी है।

इसकी पहले से ही उम्‍मीद जताई जा रही थी, क्‍योंकि अब भी देशभर में हर रोज करीब 1 हजार नए कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं। इसकी संभावना इसलिए भी बढ गई थी क्‍योंकि शनिवार को प्रधानमंत्री से बातचीत में 70 करोड़़ की आबादी वाले 13 राज्‍यों ने लॉकडाउन बढ़ाने की मजबूती से सिफारिश की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की जनता ने कष्‍ट सहकर भी देश को बचाया है, इस भारतवर्ष को बचाया है। मैं जानता हूं किसी को खाने की परेशानी, किसी को आने-जाने की परेशानी, लेकिन आप हर भारतीय अनुशासित सिपाही की तरह अपना कर्तव्‍य निभा रहे हैं। मैं सबको नमन करता हूं। हमारे संविधान में वी द पीपल की बात कही गई है, यही तो है वो। ये संकल्‍प बाबा साहब को सच्‍ची श्रद़धांजलि है। मोदी ने बंगाली नववर्ष पोइला बैशाख और पंजाब के लोकप्रिय त्‍योहार बैशाखी की बधाइयां दी और सभी देशवासियों को कहा कि हमारा देश त्‍योहारों से भरा रहता है, हरा रहता है, लेकिन इसके बावजूद हमारे देश के नागरिकों ने, हर भारतवासी ने गजब के संयम का परिचय दिया है।

पीएम ने कहा कि अब हमें नए क्षेत्रों में कोरोना नहीं फैलने देना है। हमें हॉटस्पॉट को लेकर बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। जिन स्थानों के हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका है उस पर भी हमें कड़ी नजर रखनी होगी। नए हॉटस्पॉट का बनना हमारे परिश्रम और हमारी तपस्या को और चुनौती देगा। जो क्षेत्र इस अग्निपरीक्षा में सफल होंगे, जो हॉटस्पॉट में नहीं होंगे, और जिनके हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका भी कम होगी, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कल विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे।

मोदी ने कहा कि जो रोज कमाते हैं, रोज की कमाई से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं, वो मेरा परिवार हैं। मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक इनके जीवन में आई मुश्किल को कम करना है। उन्होंने कहा कि अब नई गाइडलइंस बनाते समय भी उनके हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। इस समय रबी फसल की कटाई का काम भी जारी है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर, प्रयास कर रही हैं कि किसानों को कम से कम दिक्कत हो।
तर्कसंगत इस बात पर ज़ोर देता इस मुश्किल की घड़ी में अन्‍य देशों से तुलना करने का कोई मतलब नहीं है, लेकिन यह भी सच्‍चाई है कि दुनिया के तमाम सामर्थ्‍यवान देशों की तुलना में भारत बहुत संभली हुई स्‍थिति में है। कुछ दिनों पहले तक जो देश कोरोना के मामले में भारत के बराबर खड़े थे, लेकिन आज उन देशों में आज कोरोना के केस 25 से 30 गुना बढ़ गए हैं और हजारों लोग मारे गए हैं। भारत ने समय पर तेज फैसले न लिए होते तो आज भारत की स्‍थिति क्‍या होती, यह सोचकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

बीते कुछ दिनों के हालात देखकर स्‍पष्‍ट है कि हमने जो रास्‍ता चुना वही सही है। अगर सिर्फ आर्थिक दृष्‍टि से देखें तो बहुत महंगा लगता है, लेकिन जिंदगियों के सामने इसकी कोई कीमत नहीं है। सीमित संसाधनों के बीच भारत जिस मार्ग पर चला है, उसकी चर्चा दुनियाभर में होना स्‍वाभाविक है। राज्‍य सरकारों ने भी, सरकारी मशीनरी ने भी बहुत कोशिश की है, हर किसी ने 24 घंटे मेहनत की है। लेकिन इन तमाम प्रयासों के बावजूद कोरोना जिस तेजी से फैल रहा है, उसने दुनियाभर के देशों को और सतर्क कर दिया है। भारत में भी लड़ाई आगे कैसे बढ़े, हम विजयी कैसे हों, लोगों को कष्‍ट कम से कम कैसे हो, इस पर राज्‍यों से लगातार बात हुई। सबका एक ही सुझाव आता है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए। सारे सुझावों को ध्‍यान में रखते हुए 3 मई तक लॉकडाउन बढाना पड़ेगा।

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...