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(वीडियो) कर्नाटक में लॉकडाउन तोड़ते हुए धार्मिक उत्सव मे जुटे सैकड़ों लोग

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Image Credits: India.com/ANI/twitter

April 17, 2020

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दक्षिण-पश्चिम राज्य कर्नाटक में कोरोना वायरस तेजी से पांव पसार रहा है. राज्य में गुरुवार को कोविड​​-19 (COVID-19) से एक और मरीज की मौत हो गई. वहीं 36 और लोग जानलेवा वायरस से संक्रमित पाये गए जो अब तक का एक दिन में सर्वाधिक है. इसके बावजूद राज्य के कोरोना हॉटस्पॉट कलबुर्गी में धार्मिक उत्सव के नाम पर देशव्यापी लॉकडाउन का उल्लंघन किया गया.

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाते हुए कलबुर्गी जिले के चित्तपुर में गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए. बताया जा रहा है कि सभी लोग एक धार्मिक उत्सव में भाग लेने के लिए आए थे. इस दौरान लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग के आदेश पर भी पानी फेर दिया.

इंडिया टु़डे की रिपोर्ट के मुताबिक, मेले के कुछ वीडियो दिखाते हैं कि सैकड़ों लोग रथ खींच रहे हैं. इतना ही नहीं ये कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे. ये मेला चित्तापुर तालुक में आयोजित किया गया था. सबसे बड़ी बात ये कि स्थानीय प्रशासन और कानून के ‘लंबे हाथ’ पीछे बंधे रहे.

 

कलबुर्गी ही वो जगह है, जहां मार्च में कोरोना वायरस से जुड़ी पहली मौत दर्ज की गई थी. कर्नाटक में गुरुवार, 16 अप्रैल को कोरोना के कुल 315 मामले हो गए. इसमें 82 लोग ठीक हुए हैं और 13 लोगों की मौत हुई है. इससे पहले 10 अप्रैल को कर्नाटक से ही ख़बर आई थी कि बीजेपी विधायक एम जयराम ने गुब्बी तालुक में अपना जन्मदिन मनाया था. लॉकडाउन के बावजूद भीड़ जमा हुई और बिरयानी खिलाई गई.

 

 

न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कलबुर्गी जिले के एसपी ने कहा “आज सुबह 6.30 बजे सिद्धलिंगेश्वर मंदिर के पास 100 से 150 लोग 20 मिनट के लिए जमा हुए. सभी रथ को खींचने वाले धार्मिक जुलूस में भाग लेने के लिए आए थे. लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन के लिए उन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जिसमें से 20 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जबकि अन्य की पहचान की जा रही है. इस मामलें में एक उप-निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है.

धार्मिक आयोजनों के नाम पर भीड़ इकट्ठा होने का सिलसिला अभी भी रुक नहीं रहा है. इससे पहले रथयात्रा से जुड़ा एक मामला महाराष्ट्र के सोलापुर में सामने आया था. यहां 2 अप्रैल को रथयात्रा निकाल रहे गांववालों को जब रोका गया तो पुलिस पर पथराव किया गया था. वहीं, मार्च में दिल्ली के निज़ामुद्दीन इलाके में हुई तबलीगी जमात में हज़ारों लोग शामिल हुए थे. तब दिल्ली सरकार ने धार्मिक आयोजन के नाम पर एक जगह इकट्ठा ना होने का आदेश दिया था. कोरोना वायरस के तमाम मामले सामने आए, जिनका लिंक इस कार्यक्रम से जुड़ा.

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