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इंडिया चाइल्‍ड प्रोटेक्‍शन फंड: लॉकडाउन के दौरान बढ़ी चाइल्ड पोर्नोग्राफी की मांग

तर्कसंगत

April 21, 2020

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लॉकडाउन के दौरान एक तरफ जहां देश में बाल उत्पीड़न के मामले बढ़ें हैं वहीं ऑनलाइन चाइल्ड पॉर्नोग्राफी की मांग भी तेजी से बढ़ी है. इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड (ICPF) की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल यानी 2019 के नवंबर-दिसंबर महीने में देश के करीब 100 शहरों के 5 मिलियन लोगों ने ऑनलाइन चाइल्ड पॉर्न सर्च किया था वहीं लॉकडाउन के दौरान इसमें 100 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार ICPF-बाल संरक्षण और तस्करी पर काम करने वाली एक संस्था का दावा है कि लॉकडाउन के दौरान विभिन्न पॉर्न वेबसाइटों से 100 फीसदी ‘पोर्नहब’ डेटा उठाया गया है. वहीं ऑनलाइन डेटा मॉनीटरिंग वेबसाइटों ने पुष्टि की है कि लोगों ने लॉकडाउन के दौरान ‘चाइल्ड पोर्न’, ‘सेक्सी चाइल्ड’ और ‘टीन सेक्स वीडियो’ जैसे कीवर्ड की खोज की है.

बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र में चाइल्ड पोर्नोग्राफी की मांग में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख  के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान चाइल्ड पोर्न की खपत में बढ़ोत्तरी, पीडोफाइल, चाइल्ड रेपिस्ट और चाइल्ड पोर्नोग्राफी नशेड़ियों की ऑनलाइन विशाल उपस्थिति दर्शाता है.

 

 

आईसीपीएफ ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से, ऑनलाइन डेटा मॉनिटरिंग वेबसाइटों ने चाइल्ड पोर्न, सेक्सी चाइल्ड और टीन सेक्स वीडियो जैसी खोजों की मांग में बढ़ोत्तरी देखी है. पोर्नहब के आंकड़ों ने अनुसार, 24 मार्च और 26 मार्च के बीच इस एडल्ट वेबसाइट पर औसत ट्रैफिक की तुलना में भारत से ट्रैफिक में 95 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी.

गौरतलब है कि इंडिया चाइल्‍ड प्रोटेक्‍शन फंड ने ‘’चाइल्ड सेक्सुअल अब्यूज़ मटेरियल इन इंडिया’’ शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है, जो भारत के 100 शहरों जैसे नई दिल्ली, चेन्नई, मुंबई, कोलकाता, भुवनेश्वर और इंदौर में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के हाल पर एक शोध है। शोध के मुताबिक पाया गया कि दिसंबर 2019 के दौरान पब्लिक वेब पर 100 शहरों में चाइल्‍ड पोर्नोग्राफी सामग्री की कुल मांग औसतन 50 लाख प्रति माह थी, जिसमें अब वृद्धि हो गई है. रिपोर्ट में हिंसक सामग्री की मांग में 200 प्रतिशत तक की वृद्धि का खुलासा किया गया है, जो बच्चों के प्रति ‘चोकिंग’, ‘ब्‍लीडिंग’ और ‘टोर्चर’ को दिखाता है. इससे पता चलता है कि भारतीय पुरुष सामान्य बाल पोर्नोग्राफी से संतुष्ट नहीं हैं और वे हिंसक और बर्बर सामग्री की मांग कर रहे हैं.

नई दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई जैसे महानगरों के अलावा कई टियर टू शहरों व राजधानियों में, जहां कोरोनो वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि देखने में आ रही है, को चाइल्‍ड पोर्नोग्राफी के हॉटस्पॉट के रूप में इस अध्ययन द्वारा चिन्हित किया गया है. संगठन ने अधिकारियों को संभावित यौन उत्‍पीड़कों से बच्चों को बचाने के लिए इन शहरों में ऑनलाइन सतर्कता को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है.

 

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