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चेन्नई में कोरोना से गयी डॉक्टर की जान, स्थानीय लोगों ने दफ़नाने नहीं दिया शव

तर्कसंगत

Image Credits: Drug Today

April 23, 2020

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तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में कई लोगों ने एक डॉक्टर का शव ले जा रही एंबुलेंस पर हमला कर दिया. खबरों के मुताबिक 55 साल के डॉक्टर साइमन हरक्यूलिस की मरीजों के इलाज के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आने से मौत हो गई थी. उनका शव कब्रिस्तान ले जाया जा रहा था कि एक भीड़ ने एंबुलेंस पर लाठी-डंडे और पत्थरों से हमला बोल दिया. ये लोग नहीं चाहते थे कि डॉक्टर का शव कब्रिस्तान में दफनाया जाए. उनका कहना था कि इससे संक्रमण फैलेगा.

इसके बाद शव को एक दूसरे कब्रिस्तान ले जाया गया. वहां भी यही हुआ. भीड़ के हमले में एंबुलेंस का ड्राइवर और स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मचारी घायल हो गए. पुलिस हालात पर काबू पाने नाकाम रही. पीटीआई के मुताबिक जब ताबूत को एंबुलेंस से उतारा जा रहा था तो भीड़ ने उसे भी नुकसान पहुंचाया.

आखिरकार डॉ साइमन हरक्यूलिस के एक सहयोगी डॉ प्रदीप कुमार सोमवार रात 12 बजे के बाद किसी तरह खुद ही एंबुलेंस चलाते हुए फिर से कब्रिस्तान पहुंचे. उनके साथ दो वार्ड ब्वाय भी थे. इसके बाद उन्होंने जल्दी-जल्दी शव को कब्र में उतारा और फिर ऊपर से मिट्टी भर दी.

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इस घटना पर दुख और चिंता जताई है. उसका कहना है कि जो डॉक्टर कर्तव्य पालन के दौरान जान गंवा रहे हैं उनके साथ ऐसा होना चिंताजनक है. डॉक्टरों ने मांग की है कि इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए अंतिम संस्कार के समय पुलिस की पर्याप्त सुरक्षा हो. उधर, मद्रास हाई कोर्ट ने इस घटना का स्वत: संज्ञान लिया है. उसने तमिलनाडु सरकार से जवाब मांगा है.

 

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