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झारखण्ड : लॉकडाउन में किसानों को आ रही दिक्कत, कुछ को नहीं मिली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि

Md. Asghar Khan

Image Credits: PrabhatKhabar

April 29, 2020

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44 वर्ष के रंजीत मुंडा रांची से 40 किलोमीटर दूर इटकी प्रखंड के कुर्गी पंचायत में पड़ने वाले सरगड़ी गांव के ग्राम प्रधान हैं. लॉकडाउन में आस-पड़ोस के सभी बजार हाट बंद पड़े हैं, जहां रंजीत अपने खेतों में उपजने वाली सब्जियों को बेचा करते थें. अब हाल ये हो गया है कि सब्जियों का लागत मूल भी मिल पाना मुश्किल हो रहा है. वो बताते हैं, “सब्जियों का लागत मूल भी अब नहीं निकल पा रहा है, इसे बेचने के लिए जाएं कहां? ऐसे हीं रहा तो धान का बिहन कहां से खरीदेंगे.”

रंजीत मुंडा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजान के लाभुक हैं. उनके छह जन (मां, बाप, पती, पत्नी और दो बच्चे) के परिवार का बोझ दो एकड़ की जमीन से होने वाली खेती पर निर्भर है. वो कहते हैं, “पिछले साल सिर्फ दो ही बार (10.07.2019 और 06.11.2019) दो-दो हजार प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का खाते में आया. इस साल तो कुछ नहीं आया है अबतक. लेकिन अभी पैसा (योजना की राशि) मिल जाता तो धान का बीज खरीदने में मदद मिलती.”

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के छोटे और सीमांती( जिनके पास दो एकड़ खेत हो) किसानों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष दो-दो हजार रूपये की तीन किस्तों में छह रूपये सहायता राशि के तौर पर दी जाती है. केंद्र सरकार की यह राशि लाभुक किसानों के खाते में डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर के माध्यम से आती है. लेकिन झारखंड के लाभुक किसानों को इस योजना का लाभ निरंतर नहीं मिल पा रहा है.

रंजीत उरांव के मुताबिक गांव में उनके परिचित लगभग 40 लाभुक किसान हैं. जिनमें से गत वर्ष में कई को तो तीनों किस्त मिल गई. लेकिन किन्हीं किन्हीं को एक या दो ही किस्त मिल पाई है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक योजान के लाभुक किसान करीब 12 करोड़ हैं. यह योजना 01.12.2018 को आरंभ हुई. 2019-20 के बजट के मुताबिक 9 करोड़ किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, जिसमें 7.5 करोड़ का ही सत्यापन हो पाया. इसी देखते हुए सरकार ने इस योजना के लिए पिछले साल के 75,000 करोड़ करोड़ की राशि घटाकर इस वर्ष 60,000 करोड़ रूपया रखा है.

वहीं झारखंड सरकार के कृषि विभाग के अनुसार राज्य में इसके लाभुक किसान 21 लाख 92,000 हैं. लेकिन केंद्र सरकार ने 15 लाख 20,000 ही किसानों को लाभुक माना है. बाकी को आधारकार्ड और बैंक डिटेल्स में त्रुटियां के कारण रिजेक्ट कर दिया है. जिसे राज्य सरकार को सुधार कर दोबारा भेजने के लिए कहा है.

राज्य के कृषि विभाग का कहना कि पिछले वित्तीय वर्ष में सभी लाभुक किसानों को पहली किस्त मिली है. जबकि इन्हीं में से बहुत सारे को दूसरी और तीसरी किस्त भी मिली है. जिनको दूसरी या तीसरी किस्त नहीं मिली है उसके बारे में विभाग का कहना है कि 2020-21 वित्तीय वर्ष में मिलेगी.

रांची से 42 किलोमीटर दूर बुंडू प्रखंड के रेलाडी पंचायत रहने वाले दिलीप साहू (43) कहते हैं कि उनके पिता जी को तो योजना का लाभ निरंतर मिल रहा, लेकिन उनके परिचित जगबंधु मुंडा, आशोक पातर मुंडा व विजेंद्र साहू को नहीं. वो बताते हैं के ये तीनों किसान का प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लिए रजिस्ट्रेशन हो चुका है, लेकिन इन्हें आजतक एक किस्त भी नहीं मिल पाई.

इधर भारत सरकार ने नये 2020-21 के वित्तीय वर्ष की पहली किस्त की राशि एक अप्रैल से लाभुक किसानों के खाते में भेजनी शुरु कर दी है. खबरों के मुताबिक एक अप्रैल से 17 अप्रैल तक झारखंड के लगभग 11 लाख किसानों के खाते में राशि आ चुकी है. लेकिन जिन किसानों के खाते में राशि आई, उनके सामने राशि की निकासी एक बड़ा संकट बन गया है. ग्रामीण किसानों कहना है कि गांव से बैंक काफी दूर पड़ते हैं. लॉकडाउन के कारण गाड़ियों और लोगों की आवाजाही बंद है.

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