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वाराणसी की स्वतंत्र पत्रकार रिज़वाना ने की आत्महत्या, सपा नेता को बताया ज़िम्मेदार

तर्कसंगत

Image Credits: Blogspot

May 5, 2020

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उत्तर प्रदेश के वाराणसी की स्वतंत्र पत्रकार रिज़वाना तबस्सुम ने सोमवार सुबह आत्महत्या कर ली. वो तर्कसंगत समेत विभिन्न मीडिया प्लॅटफॉम्स के लिए लिखा करती थी जिनमें द वायर, द प्रिंट प्रमुख हैं.

रिजवाना ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा जिसमें सपा नेता समीम नोमानी को जिम्मेदार ठहराया है. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे सदर सीओ अभिषेक पाण्डेय ने सुसाइड नोट के आधार पर सपा नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया. वहीं रिजवाना के असमय मौत की सूचना से पूरे पत्रकार बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई.

सीओ सदर अभिषेक पांडे के मुताबिक, रिजवाना के पिता की तहरीर पर लोहता निवासी शमीम नोमानी के खिलाफ धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

रिजवाना की आत्महत्या का संदेह परिजनों को उस समय हुआ जब रिजवाना दिन के 10 बजे तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकलीं. कई बार दरवाजा खटखटाने के बाद जब रिजवाना ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो परिजनों को संदेह हुआ और पुलिस को फोन किया.

द प्रिंट के मुताबिक कमरे में एक नोट लगा मिला है, इस नोट के आधार पर रिज़वाना के पिता अजीजुल हकीम ने लोहता थाने में शमीम नोमानी के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज करवाया है.

 

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रिजवाना के पिता ने बताया कि नोटिस बोर्ड पर जो मिला उसी के आधार पर उन्होंने एफआईआर दर्ज करवाई है. रिजवाना के पिता के मुताबिक, उसने कभी किसी को कुछ बताया भी नहीं न ही उसकी किसी कोई दुश्मनी रही. वह एक अच्छी बेटी के साथ-साथ अच्छी पत्रकार भी थी.

एफआईआर में रिज़वाना के पिता ने कहा है कि शमीम बार-बार उनकी बेटी को तंग किया करता था.

रिजवाना बनारस की युवा पत्रकार थीं. उन्होंने बीएचयू से पीजी डिप्लोमा हिंदी जर्नलिज्म किया था. वह दिप्रिंट हिंदी , द वायर समेत तमाम वेबसाइट्स के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर बनारस से लिखती थीं. तर्कसंगत के साथ रिज़वाना पिछले कुछ समय से जुडी हुई थी, उन्होनें सीएए-एनआरसी प्रदर्शनों में सत्याग्रह की खबर, बाँदा में जमातियों को लेकर फैली गलत खबर और इस हफ्ते भारतीय महिला खो खो टीम की कप्तान की एक स्टोरी की थी, इसके साथ ही वो लॉक डाउन में बनारस के विभिन्न रोज़गारों पर उसके असर को लेकर स्टोरी करने वाली थी. जो अब उनके जाने के साथ अधूरा रह गया.

तर्कसंगत की पूरी टीम उनके इस असमय चले जाने से आहत है, हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनके परिवार को इस क्षति से उबरने का साहस मिले.

 

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