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देखिये कि किस तरह मुंबई में कोरोना से जान गँवा चुके शवों के बीच ज़िंदा मरीज़ों का इलाज हो रहा है

तर्कसंगत

May 8, 2020

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महाराष्ट्र के मुंबई में कोरोना वायरस का कहर अन्य महानगरों के मुकाबले सबसे ज्यादा है। इसी बीच मुंबई के एक अस्पताल का हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में अस्पताल के एक वार्ड में कोविड 19 के मरीज बेड पर पड़े शवों के बीच इलाज कराते दिख रहे हैं। वीडियो भाजपा विधायक नितेश राणे ने बुधवार को पोस्ट किया है।

 

 

वीडियो में सायन अस्पताल का कोविड 19 चिकित्सा वार्ड दिख रहा है। वहां लगभग आधा दर्जन शव इलाज के लिए भर्ती रोगियों के पास बेड पर रखे हुए दिख रहे हैं। शवों को काले प्लास्टिक बैगों में बांध दिया गया है। जबकि कुछ कपड़े या कंबल से ढंके हुए हैं।

राणे ने कहा, “यह वीडियो एलटीएमजी अस्पताल सायन का है। बुधवार को मेरा एक कार्यकर्ता वहां कुछ काम करने गया था। शवों के पास रोगी लेटे हुए दिख रहे हैं। यह तो पराकाष्ठा है। यह बेहद शर्मनाक है।”

 

अस्पताल की सफाई

वहीं लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल जनरल हास्पीटल के डीन डॉक्चर प्रमोद इंगले ने कहा है कि कोरोना की वजह से मरने वाले लोगों के रिश्तेदार शव लेने को इच्छुक नहीं हैं. यही वजह है कि शवों को वहां रखा गया था। अब हमने शवों को हटा दिया है और मामले की जांच कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि शवों के मुर्दाघर में क्यों नहीं रखा गया, इस सवाल पर उन्होंने कहा अस्पताल के मुर्दाघर में शव रखने के 15 स्लाट हैं, इसमें से 11 में शव रखे गए हैं। अगर हम वहां सभी शवों को रख देंगे, तो उन शवों के लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी, जो कि कोरोना की वजह से नहीं मरे।

 

बीएमसी की सफाई

बीएमसी ने एक बयान में कहा है कि यह समिति तथ्यों की जांच कर 24 घंटे में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उस रिपोर्ट के परिणामों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. बयान में यह कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोबारा ऐसी घटना न होने पाए।

बीएमसी ने अपने बयान में कहा है कि इस बात के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं कि किसी कोरोना पीड़ित या संदिग्ध की मौत के आधे घंटे के भीतर उसका शव परिजनों को सौंप दिया जाए। हालांकि कई बार यह देखा गया है कि समय पर मरीज के निकट रिश्तेदार मौजूद नहीं होते हैं या कई बार वो जानबूझकर शव नहीं लेना चाहते हैं।

 

राज्यपाल से करेंगे शिकायत

सरकार पर हमला करते हुए, राणे ने इसे “बहुत ही शर्मनाक” करार दिया और कहा कि वह इसे संबंधित अधिकारियों के सामने बड़े पैमाने पर उठाने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि शवों की मौजूदगी से अन्य रोगियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरा हो सकता है। राणे ने कहा, “मेरी योजना सरकारी अधिकारियों को लिखने और यहां तक कि महाराष्ट्र के राज्यपाल के सामने भी इस मुद्दे को उठाने की है।”

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