ख़बरें

पैदल, ट्रक या अवैध वाहन से उत्तर प्रदेश में आने पर रोक, 200 बस ड्यूटी पर लगायी गयी

तर्कसंगत

Image Credits: Financial Express/Amar Ujala

May 17, 2020

SHARES

उत्तर प्रदेश में लगातार प्रवासी मजदूरों के साथ हादसे हो रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को हुए औरैया हादसे के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर अधिकारियों को सचेत किया है। सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के सीमा क्षेत्रों में कोई भी प्रवासी कामगार/श्रमिक पैदल, बाइक या ट्रक आदि अवैध और असुरक्षित वाहन से न आने पाए। यदि ऐसा पाया जाए तो लोगों को ला रही अवैध गाड़ियों को तत्काल जब्त करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाए।

सीएम ने औरैया घटना के बाद शनिवार, 16 मई को एक उच्च स्तरीय मीटिंग में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा की।

मीटिंग के बाद उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी प्रवासी नागरिक को पैदल, अवैध या असुरक्षित वाहनों से यात्रा न करने दिया जाए। उन्होंने बताया कि योगी ने निर्देश दिए कि अगर ऐसा पाया जाए तो अवैध वाहन को जब्त करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस पैदल चलने वालों को जागरूक करते हुए उन्हें रोके।

 

 

 

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने शुक्रवार को कहा कि प्रवासियों के लिए हर बॉर्डर पर 200 बसें बॉर्डर के जिलों में व्यवस्थित की गई हैं। अब तक यूपी में 449 ट्रेनें आ चुकी हैं. यह पूरे देश में सबसे अधिक संख्या है। इन ट्रेनों से 5 लाख 64 हजार लोग यात्रा कर चुके हैं। शनिवार को ही 75 ट्रेनें आएंगी, 286 और ट्रेनों के संचालन को सहमति दी गई है।

प्रमुख सचिव, (स्वास्थ्य-परिवार कल्याण) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि मास्क या फेस कवर को सभी लोगों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है. बिना मास्क लगाए सार्वजनिक स्थल पर घूमना दण्डनीय हो गया है।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि प्रवासियों को क्वारनटीन, शेल्टर होम या अन्य जिलों में भेजे जाने के लिए पर्याप्त संख्या में प्राइवेट और स्कूल बसों की व्यस्था कराई जाए। पैदल व्यक्ति अगर किसी प्रकार से जिले में आते हैं तो उन्हें वहीं रोककर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुरूप कार्रवाई की जाए। किसी भी प्रवासी को सड़क या रेलवे लाइन पर न चलने दिया जाए।

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने के लिए एक लाख 34 हजार लोगों पर नामजद 47, 289 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। कुल 41 हजार वाहन सीज किए गए हैं और 18.5 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया है।

 

तर्कसंगत का तर्क

मजदूरों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है ये समझा जा सकता है। मगर जो मजदूर किसी साधन की कमी में अपने घर पैदल निकल चुके हैं उन्हें राज्य में घुसने नहीं देना कितना सही होगा? सरकार ये कैसे सुनिश्चित करेगी कि जो मजदूर अभी रास्ते में है उन्हें किस प्रकार रेल द्वारा उनके गंतव्य तक पहुँचाया जाए?  वहीं 200 बस सरकार की तरफ से मजदूरों के लिए लगाए गए हैं और 450 के करीब ट्रैन उत्तर प्रदेश पहुँच चुकी है, अगर खुदा न खस्ता इन बसों या ट्रैन में कुछ हादसा हो तो क्या फिर इन्हें भी रोक दिया जायेगा?

अपने विचारों को साझा करें

संबंधित लेख

लोड हो रहा है...