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दिल्ली: कालरा अस्पताल के नर्स की कोरोना से मौत, साथी नर्स का आरोप इस्तेमाल किये गए PPE किट पहनने को थे मजबूर

तर्कसंगत

Image Credits: practo

May 27, 2020

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दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में कोरोना संक्रमित एक नर्स की रविवार को मौत हो गई है. मोतीबाग स्थित कालरा अस्पताल में कार्यरत 48 वर्षीय नर्स को गंभीर हालत में सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. दिल्ली के राजौरी गार्डन में रहने वाली नर्स मूल रूप से केरल के पत्तनमथिटा जिला निवासी थी. बिहार निवासी उनके पति मलयेशिया में नौकरी करते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक नर्स के सहयोगियों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन इस्तेमाल किए हुए पीपीई किट, ग्ल्व्ज और मास्क को दोबारा इस्तेमाल करने का नर्सों पर दबाव बनाता था. दिल्ली में कोरोना वायरस से किसी नर्स की मौत का यह पहला मामला है.

 

साथी नर्स का आरोप

कालरा अस्पताल की एक वरिष्ठ नर्स कहती हैं, ‘डॉक्टरों को नए पीपीई किट इस्तेमाल के लिए दिए जाते हैं बल्कि नर्सों को इस्तेमाल किए हुए पीपीई किट दोबारा इस्तेमाल के लिए दिए जाते हैं. अगर हम आपत्ति जताते हैं तो हमें बताया जाता है कि यहां कोरोना मरीजों का इलाज नहीं किया जाता इसलिए यहां संक्रमण का खतरा कम है, इसलिए इस्तेमाल की हुई पीपीई किट दोबारा इस्तेमाल की जा सकती है.’

अंबिका की करीबी एक वरिष्ठ नर्स ने कहा कि एक हफ्ते पहले कालरा अस्पताल में अपने आखिरी दिन अंबिका की नए पीपीई किट और मास्क नहीं देने की वजह से नर्सिंग प्रभारी से बहस भी हुई थी. अंबिका के साथ आईसीयू में काम करने वाली एक और नर्स ने इस बात की पुष्टि की है.

अंबिका की मौत के बाद सोमवार शाम को केरल से दिल्ली पहुंचे उनके बेटे अखिल (22) ने बताया, ‘मां की तबियत बहुत तेजी से खराब हो रही थी. एक हफ्ते पहले उन्होंने बताया था कि अस्पताल प्रशासन उन्हें इस्तेमाल किए जा चुके पीपीई इस्तेमाल करने को कहता है और मास्क के लिए अलग से पैसे चार्ज करता है. मुझे गुस्सा आया था और मैंने उन्हें घर पर ही रहने को कहा था, लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी. वह काम करती रहीं और अब उनकी मौत हो गई.’

 

अस्पताल का आरोप से इंकार

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार कालरा अस्पताल के मालिक डॉ. आरएन कालरा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अस्पताल के सभी कर्मचारियों को पर्याप्त पीपीई किट और सैनिटाइजर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. डॉ. कालरा ने कहा, ‘मुझे किसी भी कर्मचारी से एक भी शिकायत नहीं मिली है. अगर एक भी लापरवाही हुई है तो मैं जांच करूंगा और कड़े कदम उठाऊंगा.’ अस्पताल में नर्स प्रभारी एस. विल्सन और अनीता सोनी ने भी इन आरोपों को खारिज किया. सोनी ने कहा, ‘पीपीई, ग्ल्व्ज और सैनिटाइजर पर्याप्त संख्या में हैं.’

केरल के पतनमतिट्टा से सांसद एंटो एंटनी ने नर्स की मौत को लेकर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा था. प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में एंटनी ने अंबिका के परिवार के लिए पचास लाख रुपये के बीमा कवर जारी करने का आग्रह करते हुए कहा था कि निजी अस्पताल एन-95 मास्क सहित किसी भी तरह के निजी सुरक्षात्मक सामान अपने कर्मचारियों को मुहैया नहीं करा रहे हैं.

उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल को लिखे पत्र में अंबिका के परिवार के लिए एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने का आग्रह करते हुए कहा कि उनकी (अंबिका) असामयिक मौत ने अस्पतालों में काम कर रहीं नर्सों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं.

 

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