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योगी सरकार ने बनाया श्रमिक कल्याण आयोग सस्ती दर पर दिए जाएंगे घर और दुकान

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Image Credits: ABP Live

May 28, 2020

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पहले प्रवासी मजदूरों को पंजीकृत कर राज्य में रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रवासी आयोग का गठन करने की घोषणा करने के बाद मंगलवार को सस्ती दर पर घर और दुकानें मुहैया कराने की घोषणा की है।

प्रवासी मजदूरों के लिए बने माइग्रेशन कमीशन का नाम होगा कामगार श्रमिक कल्याण आयोग।

 

ज़मीन की पहचान कर ली गयी है

अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स स्कीम से झुग्गी बस्तियों व अनियोजित अवैध कालोनियों की समस्या का भी समाधान होगा।हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के लिए जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा उन भवनों को भी चिह्नित किया जा सकता है जिनका ग्राउंड फ्लोर छोड़कर अन्य तल पर रेंटल कॉम्प्लेक्स बनाए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि प्रवासी आयोग के तहत बाहर से आए श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, बीमा और प्रशिक्षण भी मुहैया कराया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान सभी श्रमिकों के परिवार के लिए इंटर्नशिप भत्ते का भी भुगतान किया जाएगा।

मजदूरों की स्किल मैपिंग

सरकार की और से घोषणा की गई है कि राज्य में अब तक लौटे 16 लाख प्रवासी मजदूरों की स्किल मैपिंग का कार्य पूरा हो चुका है। इससे उन्हें राज्य की MSME में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ गई है।

न्यू इंडिया एक्सप्रेस के मुताबिक अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि स्किल मैपिंग के अुनसार 1.5 लाख मजदूर रियल एस्टेट, 26,989 फर्नीचर, 26,041 भवन निर्माण डेकोरेटर्स, 12,633 होम डेकोरेटर्स, 10,000 ड्राइविंग, 4,680 इलेक्टि्रक और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि 5,884 मजदूर होम अप्लायंस तकनीशियन, 1,558 ऑटोमोबाइल तकनीशियन, 596 पैरामेडिकल और फार्मास्यूटिकल्स वर्कर्स, 12,103 ड्रेसमेकर, 1,274 ब्यूटीशियन, 1,284 हस्तकला और कालीन निर्माता और 3,364 सुरक्षा गार्ड कार्य क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।

इस काम में बिल्डर को भी राहत

टाइम्स ऑफ़ इंडिया मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि स्थानीय निकायों और प्राइवेट बिल्डर्स के प्रस्ताव के आधार पर बहुमंजिला इमारतों में श्रमिकों को कुछ जगह देने का निर्णय किया गया है। श्रमिकों के लिए जगह निश्चित करने पर सरकार द्वारा फ्लोर एरिया के रेशियो, GST और अन्य चीजों में बिल्डर को राहत देगी।

सरकारी बिल्डिंगों में भी श्रमिकों के लिए डोरमेट्री और दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगीं। इन दुकानों में पानी, बिजली और सीवर की सुविधा होगी।

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