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कानपूर मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल छुपे कैमरे में ऐसा क्या बोल गयी कि अब उस बयान से खुद को बचा रही है

तर्कसंगत

Image Credits: Amar Ujala

June 2, 2020

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सोशल मीडिया पर कानपुर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर आरती लालचंदानी का एक वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में वो में जमातियों के ख़िलाफ़ कुछ आपत्तिजनक बातें कर रही हैं.

 

 

डेढ़-दो महीने पुराने वीडियो में कुछ मीडिया वालों से अनौपचारिक बातचीत में डॉक्टर लालचंदानी कह रही हैं, “कहना नहीं चाहिए पर ये टेररिस्ट हैं और इनको हम वीआईपी ट्रीटमेंट दे रहे हैं. अपने रीसोर्सेज़ को हम बेकार कर रहे हैं. अपने डॉक्टरों को हम बीमार कर रहे हैं इनके लिए. 100 पीपीई किट इन पर ख़राब कर रहे हैं हम. एक किट पर सरकार दो हज़ार-ढाई हज़ार रुपये ख़र्च कर रही है. ये सब ख़र्च हम इन पर कर रहे हैं.”

बताया जा रहा है कि यह वीडियो डॉक्टर आरती लालचंदानी के आवास का है जहां वो कुछ पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रही हैं. उनके पास कुछ मीडिया चैनलों के माइक भी रखे हैं और बीच-बीच में वो ये भी पूछ रही हैं कि ‘आप लोग रिकॉर्ड तो नहीं कर रहे हैं?’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी शिकायत करते हुए डॉक्टर आरती लालचंदानी कहती हैं, “मुख्यमंत्री अपीज़मेंट (तुष्टीकरण) कर रहे हैं. जिन्हें जेल में डालना चाहिए, उन्हें वीआईपी सुविधा दी जा रही है. आप लोग मीडिया से हैं. आप मुख्यमंत्री से कह सकते हैं कि क्यों इतना अपीज़मेंट कर रहे हैं.”

अपने इस अनौपचारिक बैठक में प्रिंसिपल को इस बात की भी चिंता रहती है कि कहीं उनके कहे गयी बात रिकॉर्ड तो नहीं हो रहा?

 

 

ये पूरा मामला काफी पुराना मालूम  पड़ रहा है जिसके बारे में बीबीसी से बात करते हुए आरती लालचंदानी कहती है कि ये वीडियो उनके प्रति दुष्भावना से बनाया गया है  और उसे अब 75 दिन के बाद वायरल किया गया है. उनका कहना है कि ” तबलीग़ी जमात के मरीज़ यहां से स्वस्थ होकर गए हैं. हमने एक डॉक्टर के तौर पर कभी किसी से भेदभाव नहीं किया. सबने जाते-जाते मुझे शुक्रिया कहा. जाने के बाद भी वो मैसेज करके मुझे थैंक्यू बोलते रहते हैं. ये वीडियो गलत इरादे से शूट किया गया. मुझे धमकाने के लिए ये रिकॉर्ड किया गया है और बातों को ग़लत तरीके से पेश कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश है.”

अपने बचाव में वो आगे कहती है कि यह ये मीडिया को दिया गया बयान नहीं है. ये एक इंटरव्यू भी नहीं है. वीडियो उगाही और ब्लैकमेल करने के इरादे से बनाया गया और सर्कुलेट किया गया है.

इस वीडियो को लेकर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग उठ रही है और कुछ मुस्लिम संगठनों ने एफ़आईआर दर्ज कराने के लिए भी प्रार्थना पत्र दिया है. कानपुर से पूर्व सांसद और सीपीएम नेता सुभाषिनी अली ने भी इस वीडियो पर आपत्ति जताया है.

डॉक्टर आरती मूलचंदानी ने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में भर्ती जमातियों के कथित अभद्र व्यवहार की शिकायतें मीडिया में की थीं. उस वक़्त उन्होंने इस कथित अभद्रता के कुछ वीडियो भी दिखाए थे.

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