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देखिये मध्य प्रदेश में 11,000 रूपये के लिए अस्पताल ने बुजुर्ग मरीज को पलंग से बांधा

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Image Credits: newindianexpress

June 8, 2020

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मध्य प्रदेश के शाजापुर से एक शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक निजी अस्पताल ने इलाज का बिल न चुका पाने पर एक बुजुर्ग मरीज को पलंग से बांध दिया। मरीज की बेटी का आरोप है कि अस्पताल उनसे 11,000 रुपये मांग रहा था।

वहीं अस्पताल का कहना है कि मरीज को दौरे पड़ रहे थे, इसलिए उसे बांधा गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस पूरे मामले पर एक ट्वीट किया है. उन्होंने अपने अधिकारिक ट्वीटर अकाउंट पर लिखा कि शाजापुर के एक अस्पताल में वरिष्ठ नागरिक के साथ क्रूरतम व्यवहार का मामला संज्ञान में आया है. ऐसे में बुर्जग के साथ ऐसी हरकत करने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा. उसके खिलाफ कड़ी- से कड़ी कार्रवाई होगी.

क्या है मामला ?

राजगढ़ जिले के रनारा गांव के निवासी लक्ष्मी नारायण दांगी को पेट में तकलीफ होने पर पांच दिन पहले शाजापुर सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज की बेटी सीमा के अनुसार, इस दौरान उन्होंने दो बार, एक बार 5,000 रुपये और दूसरे बार 6,000 रुपये, अस्पताल में पैसे जमा कराए। शुक्रवार को जब सीमा ने पैसे खत्म होने की बात कहते हुए अपने पिता को घर ले जाने की कोशिश की तो अस्पताल प्रशासन ने उन्हें रोक लिया।

सीमा के अनुसार, जब वह अपने पिता की फाइल लेने गई तो अस्पताल प्रशासन ने 11,270 रुपये का बिल और भरने को कहा। बिल न जमा करने पर उन्होंने फाइल नहीं दी और जब सीमा अपने पिता के साथ अस्पताल से जाने लगी तो उसके पिता को पकड़ कर पलंग से बांध दिया। लक्ष्मी नारायण लगभग दो दिन तक इसी स्थिति में रहे और उन्हें ठीक से खाना-पीना भी नहीं दिया गया।

अस्पताल ने आरोपों को नाकारा

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार आरोपों पर सफाई देते हुए सिटी अस्पताल के मालिक डॉक्टर वरुण बजाज का कहा, “बुजुर्ग को दिमागी बुखार है। उन्हें झटके भी आ रहे थे। उनके छटपटाने से बोतल लगाने के बाद सुई के टूटने का खतरा रहता है। इसलिए रस्सी से बांधा गया था। ऐसे मरीजों को कंट्रोल करने के लिए ऐसा किया जाता है।” उन्होंने कहा कि मरीज की बेटी से बकाया बिल जमा करने को लेकर कोई बात ही नहीं हुई थी।

पुलिस ने बुज़ुर्ग को छुड़ाया

‘नई दुनिया’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, राधेश्याम नामक एक शख्स ने पीड़ित के आरोपों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पैसे से संबंधित किसी मामले में मरीज को पलंग से बांधा गया था। उन्होंने दो दिन तक खाना न दिए जाने की भी पुष्टि की।

शुक्रवार रात मीडिया को मामले की जानकारी मिली और मौके पर पहुंच कर उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद मरीज को घर भेज दिया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने भी ट्वीट करते हुए मामले को अमानवीय और बर्बर बताया है और सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है।

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