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चीन समर्थित बैंक कोरोना से लड़ने के लिए भारत को दे रहा है 5714 करोड़ रुपये का लोन

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Image Credits: FinancialExpress

June 18, 2020

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पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में भारत-चीन सेना के बीच हिंसक तनाव की बीच एक ​बिजनेस से एक अहम खबर सामने आई है. दरअसल, बीजिंग की एशियन इंफ्रास्ट्रकचर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) ने बुधवार को भारत के लिए 75 करोड़ डॉलर (करीब 5,714 करोड़ रुपये) का लोन मंजूरी किया है. AIIB ने यह लोन कोरोना वायरस के खिलाफ भारत की लड़ाई में करीब और कमजोर तबके को सहायता देने के लिए मंजूर किया है. बता दें कि गलवान घाटी में सोमवार रात में भारतीय सेना और चीनी पीएलए के बीच हुए खूनी संघर्ष में एक कर्नल समेत 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए. चीन के सैनिक भी भारी संख्या में हताहत हुए है, हालांकि चीन अभी तक नुकसान के मसले पर चुप है.

गौरतलब है कि इसके पहले मई महीने में भी AIIB ने भारत के लिए 50 करोड़ डॉलर का लोन मंजूर किया था. AIIB ने यह घोषणा की है कि वह सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए 10 अरब डॉलर तक की फंडिंग करेगा. भारत को AIIB ने अब तक कुल 3.6 अरब डॉलर का लोन दे रखा है.

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार चीन की अगुवाई वाले एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक की शुरुआत जनवरी, 2016 में हुई थी. भारत इस बैंक में दूसरा बड़ा शेयरधारक है. बैंक में 26.06 प्रतिशत मतदान हिस्से के साथ चीन सबसे बड़ा शेयरधारक है. इसके बाद 7.5 प्रतिशत के साथ भारत दूसरा, 5.93 प्रतिशत के साथ रूस तीसरा, जबकि जर्मनी के पास 4.5 प्रतिशत मतदान का अधिकार है.

फाइनेंसियल एक्सप्रेस  के अनुसार AIIB के वाइस प्रेसिडेंट डीजे पांडियन ने कहा, ‘दुनिया के कई कम या मध्यम आय वर्ग के देश अब भी इस संकट से निपटने के शुरुआती चरण में हैं और वे इस महामारी का असर महसूस करने लगे हैं.’ उन्होंने कहा कि इस मदद से यह सुनिश्चित होगा कि भारत ऐसी आर्थिक गतिविधियां चला सके जिससे उत्पादक क्षमता को लांग टर्म नुकसान न होने पाए. AIIB आमतौर पर इस तरह के लोन नहीं देता, लेकिन वह वर्ल्ड बैंक या एडीबी के साथ सह-वित्तपोषण में अपने सदस्य देशों की कोरोना से निपटने में मदद के लिए असाधारण कदम उठा रहा है.

अमेरिका और जापान इस बैंक से बाहर हैं. इन दोनों देशों की वर्ल्ड बैंक, आईएमएफ और एडीबी जैसे बहुपक्षीय वित्तीय एजेंसियों में अहम भूमिका है. अमेरिका और जापान ने एआईआईबी के खुलने पर एतराज जताया था. AIIB ब्रिक्स देशों के नव विकास बैंक के साथ ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए फंडिंग की बेहतर सुविधाएं देता है. AIIB में 57 संस्थापक सदस्य हैं.

 

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