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तनाव के बीच भारत का फैसला, टेलीकॉम क्षेत्र में चीनी कंपनियों पर लगेगा प्रतिबंध

तर्कसंगत

Image Credits: Patrika

June 18, 2020

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पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक टकराव के बीच सरकार ने चीन के 4जी उपकरणों को लेकर बड़ा फैसला किया है। दूरसंचार विभाग ने यह फैसला किया है कि भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के 4G इक्विपमेंट को अपग्रेड करने के लिए चीनी सामान का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सरकारी सूत्रों की मानें तो मंत्रालय ने बीएसएनएल से कहा है कि सुरक्षा कारणों के चलते चीनी सामान का इस्तेमाल नहीं किया जाए।

सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने संचार विभाग निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के साथ-साथ एमटीएनएल को भी यही निर्देश दिया है कि 4G के लागू होने में जितने भी चीनी उपकरणों का इस्तेमाल होता है उसपर तुरंत रोक लगा दें। विभाग निजी मोबाइल सेवा ऑपरेटरों से चीनी कंपनियों द्वारा बनाए गए उपकरणों पर उनकी निर्भरता को कम करने के लिए भी विचार कर रहा है। बता दें कि वर्तमान में चीनी कंपनी हुआवेई के साथ एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी दूरसंचार कंपनियां काम कर रही हैं वहीं, बीएसएनएल वर्तमान नेटवर्क में चीनी जेडटीई के साथ काम कर रहा है।

 

लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव

यह फैसला ऐसे वक्त में लिया है जब लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के बीच हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सोमवार रात गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए जबकि चीनी सेना के 43 जवान मारे गए या गंभीर रूप से जख्मी हुए। चीन ने अपनी ओर से इस बारे में कोई बयान जारी नहीं किया। भारत-चीन सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख में भारत-चीन सीमा क्षेत्रों की स्थिति पर चर्चा करने के लिए 19 जून को शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

 

भारत में चीनी सामानों के बहिष्कार का आंदोलन जोरों पर

गौरतलब है कि गलवान घाटी में चीन की इस हरकत के बाद भारत में चीनी सामानों के बहिष्कार का आंदोलन जोरों पर है। देश के कई हिस्सों में चाइनीज सामानों को आग के हवाले किया गया। साथ ही लोगों ने चीनी सामान न खरीदनें का संकल्प भी लिया। साथ ही, सोशल मीडिया पर भी हैशटैग के साथ ‘HindiCheeniByeBye’ और ‘BharatVsChina’ ट्रेंड कर रहा है।

 

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