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चाय बेचने वाले की बेटी बनी फ्लाइंग ऑफिसर, पांच बार असफल होने पर भी हार नहीं मानी

तर्कसंगत

Image Credits: newindianexpress

June 24, 2020

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मध्य प्रदेश के नीमच की रहने वालीं आंचल गंगवाल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अगर हौसले मजबूत हैं तो मुश्किलें आपकी राह में रोड़ा नहीं बन सकतीं।

24 वर्षीय आंचल वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनी हैं। उनके पिता 25 सालों से चाय की दुकान चला रहे हैं। बीते शनिवार को आंचल की 123 अन्य कैडेट्स के साथ भारतीय वायुसेना में बतौर फाइटर पायलट कमिश्निंग हो गई।

हालांकि, आंचल के लिए यह सफर आसान नहीं रहा। उनके पिता सुरेश गंगवाल ने मीडिया को बताया , ”वर्ष 2013 में उत्तराखंड के केदारनाथ में आई भीषण त्रासदी के बाद वायुसेना के कर्मचारी बहादुरी से वहां लोगों की मदद करने में लगे थे। इसे आंचल ने देखा था और तब से ही फ्लाइंग ऑफिसर बनने का सपना देखा था, जो अब साकार हुआ है।”

हाई स्कूल पास सुरेश ने बताया, ”कई बार मेरे पास अपनी बेटी की स्कूल या कॉलेज की फीस भरने के लिए पैसे भी नहीं होते थे। कई बार मैंने लोगों से उधार लेकर उसकी फीस भरी।” उन्होंने कहा कि उसका फ्लाइंग ऑफिसर बनना हमारे लिए गर्व की बात है। वह किताबों की दुकानों पर जाकर वायुसेना में जाने की तैयारी के बारे में पूछताछ करती थी। फिर उसने कई किताबें इकट्ठी की और तैयारियों में जुट गई। उसे छठे प्रयास में सफलता मिली है।”

आंचल ने बताया कि मुश्किलों को देखकर हिम्मत न हारने का सबक उन्होंने अपने पिता से सीखा है। जीवन में मुश्किलें आती हैं, लेकिन उनका मुकाबला करने के लिए हौसला होना जरूरी है। उन्होंने बताया, “वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनने के लिए मैंने पुलिस सब इंस्पेक्टर और लेबर इंस्पेक्टर की नौकरी छोड़ दी। मेरा केवल एक लक्ष्य था। हर हाल में वायुसेना में जाना है। आखिरकार छठी कोशिश में मुझे सफलता मिली।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी आंचल को फ्लाइंग ऑफिसर बनने पर बधाई दी है।

चौहान ने ट्विटर पर लिखा, ‘नीमच में चाय की दुकान लगाने वाले सुरेश गंगवाल जी की बेटी आंचल अब वायुसेना में फाइटर प्लेन उड़ाएगी। मध्य प्रदेश को गौरवान्वित करने वाली बेटी आंचल अब देश के गौरव और सम्मान की रक्षा के लिए अनंत आकाश की ऊंचाइयों में उड़ान भरेगी। बेटी को बधाई, आशीर्वाद और शुभकामनाएं।’

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