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देखिये वीडियो, मौत से पहले कोरोना मरीज ने अस्पताल पर वेंटीलेटर हटाने का लगाया आरोप

तर्कसंगत

Image Credits: Revathitweets/TwitterTelanganatoday

June 29, 2020

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तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक 34 वर्षीय शख्स अपने पिता को अपना अंतिम संदेश देते हुए सांस लेने में दिक्कत और अस्पताल के वेंटीलेटर हटाने की बात कह रहा है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस जैसे लक्षण दिखने के बाद उन्होंने मृतक को कम से कम 10 निजी अस्पतालों में भर्ती कराने की कोशिश की थी, लेकिन इन सभी अस्पतालों ने उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया जिसके बाद उन्होंने बुधवार को उसे सरकारी चेस्ट अस्पताल में भर्ती कराया। शुक्रवार को उसकी मौत हो गई और मरने से पहले उसने अपने पिता को एक वीडियो संदेश भेजा जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

 

 

वायरल वीडियो में मृतक कह रहा है, “मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं… मैंने प्रार्थना की, लेकिन फिर भी उन्होंने तीन घंटे से वेंटीलेटर हटाया हुआ है। मैं अब सांस नहीं ले पा रहा हूं पिताजी, ऐसा लगा रहा है जैसा मेरा दिल रुक गया है। अलविदा पिताजी, सभी को अलविदा।”

मृतक ने ये भी बताया है कि जब उसने अस्पताल से वेंटीलेटर लगाने की कहा तो उन्होंने कहा, “तुम्हें पर्याप्त मिल चुका है।” मरने से कुछ समय पहले रिकॉर्ड इस वीडियो में मरीज़ अपने पिता को ‘बाय डैडी बाय’ बोलता देखा जा सकता है।

मृतक के पिता ने कहा, “मेरे बेटे ने मदद मांगी, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। अंतिम संस्कार करके घर लौटने के बाद ही मैं वीडियो देख पाया। जो मेरे बेटे के साथ हुआ वो किसी और के साथ नहीं होना चाहिए। मेरे बेटे को ऑक्सीजन क्यों नहीं दी गई? क्या किसी और को इसकी तत्काल जरूरत थी और इसलिए उन्होंने इसे वापस ले लिया? जब मैं अपने बेटे का वीडियो सुनता हूं तो मेरा दिल टूट जाता है।”

मृतक के पिता ने कहा, “हमें टेस्ट के नतीजे बहुत लेट मिले और अस्पताल ने हमें ऐसे ही शव पकड़ा दिया। हम सभी को संक्रमण का खतरा है। लेकिन कोई भी हम पर कोई टेस्ट नहीं कर रहा है। मेरे दो पोते पोती हैं जिन्हें अभी ये भी नहीं पता है कि उनका पिता मर चुका है। मैं अब क्या करूं?” जिन छह परिजनों पर संक्रमण का खतरा बना हुआ है, उनमें मृतक के माता-पिता, पत्नी, भाई-भाभी और साला शामिल हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार चेस्ट अस्पताल के अधीक्षक महबूब खान ने हालांकि इस आरोप का खंडन किया कि वेंटिलेटर हटा दिया गया था। “मरीज वेंटीलेटर पर ही था मगर उसकी हालत ऐसी थी कि वह ऑक्सीजन की आपूर्ति महसूस नहीं कर सका,” उन्होंने कहा। खान ने कहा कि युवक की अचानक हृदय की गति रुक जाने से मौत हो गई। “हम पिछले कुछ दिनों में ऐसे मामलों को देखा हैं। आमतौर पर, कोविद -19 से संक्रमित फेफड़ों के पतन के कारण वृद्ध लोगों की मृत्यु हो जाती है। हमने हृदय में वायरल संक्रमण के कारण 25-40 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों की भी जान गंवाते देख रहे हैं। उन्हें ऑक्सीजन दिया जा रह होता है लेकिन वे इसे अपर्याप्त मानते हैं।

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने आदमी को बचाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन प्रवेश के समय वह पहले से ही गंभीर हालत में था। अस्पताल अधीक्षक ने कहा, “इसमें डॉक्टरों की कोई गलती नहीं थी।”

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