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आत्मनिर्भर भारत पैकेज: आवंटित अनाज का केवल 13 प्रतिशत राशन प्रवासी मजदूरों को मिला

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Image Credits: News18/Moneycontrol

July 2, 2020

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सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत घर लौट रहे प्रवासी श्रमिकों को आवंटित 8 लाख मीट्रिक टन मुफ्त अनाज में से केवल 13 प्रतिशत ही वास्तव में प्रवासियों को मिला है।

प्रवासी मजदूरों के पलायन के बीच केंद्र सरकार ने मई में अनाज आवंटन का ऐलान किया था। आंकड़ों के मुताबिक, बिना राशन कार्ड वाले आठ करोड़ प्रवासी मजूदरों में से मई में केवल 1.21 करोड़ और जून में 92.44 लाख लोगों को इसका फायदा मिला था।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि केंद्र द्वारा राशन कार्ड न रखने वाले लगभग 8 करोड़ प्रवासी श्रमिकों को दो महीने तक के लिए प्रति माह 5 किलो मुफ्त अनाज वितरित करने की केंद्र सरकार की घोषणा के बाद, केवल 2.13 करोड़ लाभार्थियों को मई (1.21 करोड़) और जून (92.44 लाख) में इसका फ़ायद मिला है।

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बताया कि सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने आठ लाख मीट्रिक टन अनाज में से 6.38 लाख मीट्रिक टन (80 प्रतिशत) का उठान किया है। इनमें से उन्होंने 30 जून तक केवल 1.07 लाख मीट्रिक टन (कुल अनाज का 13 प्रतिशत) का ही वितरण किया है। आंकड़ों में पता चलता है कि अपने कोटा का पूरा अनाज उठाने वाले 26 राज्यों ने पूरा अनाज वितरित नहीं किया है।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, केंद्र ने उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा 1,42,033 मीट्रिक टन अनाज आवंटित किया है। अभी तक राज्य ने 1,40,697 मीट्रिक टन अनाज का उठान कर लिया है, लेकिन इसमें से केवल 3,324 मीट्रिक टन (2.03 प्रतिशत) ही 4.39 लाख प्रवासी मजूदरों को वितरित किया है।

इसी तरह बिहार ने आवंटित किया गया पूरा 86,450 मीट्रिक टन अनाज उठा लिया है, लेकिन उसने भी 3.68 लाभार्थियों को केवल 1.842 मीट्रिक टन (2.13 प्रतिशत) अनाज दिया है।

वहीं आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, झारखंड, लद्दाख, महाराष्ट्र, मेघालय, ओडिशा, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा और तेलंगाना समेत 11 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐेसे हैं, जिन्होंने इस आवंटन में से एक प्रतिशत भी वितरित नहीं किया है।

कुछ राज्य अपने हिस्से में आवंटित अनाज भी पूरी तरह से नहीं उठा पाए हैं। उदाहरण के लिए, ओडिशा ने भारतीय खाद्य निगम से केवल 388 मीट्रिक टन का अनाज उठाया, ओडिशा को 32,360 मीट्रिक टन का आवंटन आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत किया गया था। मध्य प्रदेश ने 54,642 मीट्रिक टन के आवंटन में से 1,963 मीट्रिक टन (4%) उठाया, जबकि छत्तीसगढ़ ने आवंटित 20,077 मीट्रिक टन में से केवल 944 टन (5%) उठाया।

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