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रेलवे में निजीकरण का रास्ता साफ, सरकार ने प्राइवेट कंपनियों से माँगा प्रपोजल

तर्कसंगत

Image Credits: AajTak/Piyush Goyal/Twitter

July 2, 2020

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केंद्र सरकार ने रेलवे में निजीकरण की तरफ पहला बड़ा कदम उठा लिया है। रेल मंत्रालय ने 109 रुट्स पर यात्री ट्रेनें चलाने के लिए प्राइवेट पार्टीज को इनविटेशन दिया है। इसके लिए प्राइवेट पार्टीज को 30 हजार करोड़ का निवेश करना होगा। पहली बार रेलवे में यात्री ट्रेन चलाने के लिए प्राइवेट पार्टी को आमंत्रित किया गया है। रेलवे के मुताबिक इसका मकसद भारतीय रेल में नई तकनीक का विकास करना है ताकि मेंटेनेंस कॉस्ट को कम किया जा सके। इसके अलावा रेलवे का दावा है कि इससे नई नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे।

 

 

पिछले साल आइआरसीटीसी ने पहली निजी ट्रेन लखनऊ-दिल्ली तेजस एक्सप्रेस शुरू की थी।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पूरे देश के रेलवे नेटवर्क को 12 क्लस्टर में बांटा गया है और इन्हीं 12 क्लस्टर में 109 जोड़ी प्राइवेट ट्रेनें चलेंगी। हर ट्रेन कम से कम 16 डिब्बे की होगी और यह ट्रेन अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। इन ट्रेनों का रोलिंग स्टॉक निजी कंपनी खरीदेगी। मेंटेनेंस उसी का होगा रेलवे सिर्फ ड्राइवर और गार्ड देगा। रेलवे 35 साल के लिए ये प्रोजेक्ट प्राइवेट कंपिनयों को देगी। प्राइवेट पार्टी को एनर्जी और हौलेज चार्ज खपत खपत के हिसाब से देना होगा।

रेलवे ने यह भी कहा कि इन आधुनिक रेलगाड़ियों में से अधिकांश का निर्माण भारत में ही किया जाना है और निजी कंपनियों को गाड़ियों के वित्तपोषण, खरीद, संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगी।

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