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सरकार ने हैंड सैनिटाइज़र और मास्क को लेकर फिर कौन सा नया फैसला लिया है?

तर्कसंगत

Image Credits: Zee News/Tribune India

July 8, 2020

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भारत में कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत के दौरान बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने मास्क और हैंड सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में शामिल कर लिया था, लेकिन अब सरकार ने इन्हें फिर से इस श्रेणी से बाहर कर दिया है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबर के मुताबिक खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए हैं। सरकार का मानना है कि अब देश में इनकी कोई कमी नहीं है।

मंत्रालय द्वारा कहा गया है कि पहले देश में मास्क और हैंड सैनिटाइजर की बहुत कमी थी और दुकानदारों द्वारा लोगों से मनमानी कीमत वसूली जा रही थी, लेकिन अब देश में इनकी कोई कमी नहीं है। इनका उत्पादन करने वाली फर्मों के पास पर्याप्त स्टॉक है। ऐसे में अब इन्हें आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी से हटाया जा रहा है।

कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों में हैंड सैनिटाइजर और मस्क पर व्यापारी मनमाना दाम वसूल रहे थे तब केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने इनकी उपलब्धता बढ़ाने, मूल्य निर्धारित करने और कालाबाजी रोकने के लिए 30 जून, 2020 तक इन्हें आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में शामिल करने का आदेश दिया था।

मास्क और सैनिटाइजर को ज़रूरी वस्तुओं की श्रेणी से हटाए जाने के बाद अब उत्पादक और विक्रेता मनमानी कीमत वसूल सकेंगे।

इससे पहले आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 का उल्लंघन करने वालों को जुर्माने के साथ सात साल की जेल की सजा का प्रावधान भी किया गया था, मगर अब इनका स्टॉक करने, कालाबाजारी करने और मनमानी कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी।

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