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वीडियो देखिये, कोरोना कर्फ्यू में मंत्री के बेटे को फटकार लगाने वाली महिला कांस्टेबल का ट्रांसफर

तर्कसंगत

July 13, 2020

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नाइट कर्फ्यू के नियमों का उल्लंघन करने के लिए गुजरात के एक मंत्री के बेटे को हड़काने वाली महिला कांस्टेबल का ट्रांसफर कर दिया गया है। सुनीता यादव नामक इस महिला कांस्टेबल ने नियमों को तोड़ने के लिए स्वास्थ्य राज्यमंत्री कुमार कानानी के बेटे प्रकाश और उनके दोस्तों को जमकर फटकार लगाई थी।

इस प्रकरण के बाद से ही वह छुट्टी पर चल रही थीं और अब उनका ट्रांसफर किए जाने की खबर आ रही है।

मामला है क्या ?

 मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मामला सूरत के वराछा का है जहां शुक्रवार रात लगभग 10 बजे कांस्टेबल सुनीता यादव ने गाड़ी में बिना मास्क लगाए घूम रहे कुछ युवकों को रोक लिया। इन युवकों ने फोन कर अपने दोस्त और राज्यमंत्री कानानी के बेटे प्रकाश कानानी को मौके पर बुला लिया जो अपने पिता की गाड़ी से मौके पर पहुंचा।

मौके पर पहुंच कर प्रकाश सुनीता को अपने पिता के नाम की धौंस दिखाने लगा, जिसके बाद उन दोनों में तीखी बहस हुई।

वीडियो में देखा जा सकता है बहस के दौरान प्रकाश ने सुनीता को धमकी दी कि वह उसकी 365 दिन यहीं खड़े रहने की ड्यूटी लगवा देगा। इसके जबाव में सुनीता ने कहा, “पुलिस की यह वर्दी तुम्हारे बाप की गुलामी करने के लिए नहीं पहनी है। औकात हो तो करवा देना मेरा ट्रांसफर गांधीनगर।”

सुनीता ने प्रकाश से ये सवाल भी किया कि जब मंत्री गाड़ी में मौजूद नहीं हैं, तो गाड़ी पर उनके नाम की प्लेट क्यों लगाई हुई है।

बहस के दौरान प्रकाश ने अपने पिता कुमार कानानी को भी फोन लगाया और सुनीता से उनकी बात कराई। मंत्री के साथ बातचीत में सुनीता ने प्रकाश की गलतियां बताईं और कहा कि नियम सबके लिए बराबर होते हैं।

सुनीता ने प्रकाश से ये भी कहा कि पुलिस के अधिकारियों के ऊपर नेताओं का हाथ है, इसलिए उन्हें चुप होना पड़ रहा है और अगर थोड़ी सी और पॉवर होती तो वह उनकी हड्डी तोड़ देती।

 रिपोर्ट्स के अनुसार, वह घटना के बाद से ही ड्यूटी पर नहीं गई हैं और व्यवस्था से तंग आकर इस्तीफे की पेशकश की है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दैनिक भास्कर‘ के अनुसार, सुनीता ने अपने फोन टैप होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि वह सरकारी जांच पूरी होने के बाद मीडिया के सामने वीडियो पेश करेंगी और सबकी पोल खोलेंगी।

 सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें सुनीता और प्रकाश को बहस करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए सूरत के पुलिस कमिश्नर आरबी ब्रह्मभट्ट ने शनिवार को मामले में जांच के आदेश दिए और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।

अब सुनीता का ट्रांसफर पुलिस मुख्यालय कर दिया गया है। कानानी ने उन पर अपने बेटे का अपमान करने का आरोप लगाया है।

इस बीच, वराछा रोड के विधायक कुमार कनानी ने दावा किया कि उनका बेटा सिविल अस्पताल जा रहा था क्योंकि उनके ससुर, सीओवीआईडी -19 का इलाज करवा रहे थे, जब उन्हें कांस्टेबल ने रोका तो वह गंभीर हालत में थे।

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