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वीडियो देखिये, मध्य प्रदेश गुना में पुलिस द्वारा किसान दम्पत्ति पर बेरहमी का वीडियो वायरल, सरकार ने SP, IG को हटाया

तर्कसंगत

Image Credits: Jagran

July 16, 2020

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एमपी पुलिस द्वारा गुना में एक किसान की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल हो रहा है। इस घटना पर राहुल गाँधी ने ट्ववीट कर अपनी लड़ाई इसी सोच और अन्याय के खिलाफ बताया है।

मामला क्या है?

गुना के कैंट इलाके में  स्थानीय प्रशासन पुलिस वालों के साथ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने पहुंचे था। इस दौरान पुलिसवालों ने पति-पत्नी और उसके बच्चों तक पर जमकर लाठियां बरसाईं। परिजनों के मुताबिक परिवार पर तीन लाख रूपये से अधिक का कर्जा है, वो किराए पर खेत लेकर कर्ज की रकम चुकाना चाहते थे।

गुना के सरकारी पीजी कॉलेज की जमीन पर राजकुमार अहिरवार लंबे समय से खेती कर रहे थे, मंगलवार दोपहर अचानक गुना नगर पालिका का अतिक्रमण हटाओ दस्ता एसडीएम के नेतृत्व में यहां पहुंचा और राजकुमार की फसल पर जेसीबी चलवाना शुरू कर दिया. राजकुमार ने विरोध किया तो उसे पुलिस ने पकड़ लिया।

राजकुमार का कहना था कि ये उसकी पैतृक जमीन है। दादा-परदादा इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं। उसके पास पट्टा नहीं है। जब जमीन खाली पड़ी थी तो कोई नहीं आया। उसने 4 लाख रुपए का कर्ज लेकर बोवनी की है। अब फसल अंकुरित हो आई है। इस पर बुल्डोजर न चलाया जाया। मेरे परिवार में 10-12 लोग हैं। अब मेरे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है, आत्महत्या करूंगा।

इसके बाद दम्पती ने ज़हर खा लिया।

अतिक्रमण हटाने आए दस्ते के लोगों ने दोनों को पकड़ने का प्रयास किया तब तक काफी देर हो चुकी थी। बाद में दोनों को जबरन अस्पताल पहुंचाया गया। गुना तहसीलदार निर्मल राठौर ने कहा भूमि की नाप के बाद जब जेसीबी से कब्जा हटाया जा रहा था उस वक्त जो बटाईदार हैं उन्होंने किसी जहरीली वस्तु का सेवन कर लिया, उन्हें इलाज के लिये अस्पताल भेज दिया गया है। अस्पताल में राजकुमार की पत्नी की हालत नाजुक बताई जा रही है।

यह घटना जगनपुर चक में मंगलवार दोपहर 2.30 बजे की है। दंपती अपने 7 बच्चों के साथ प्रशासनिक- पुलिस अफसरों के सामने हाथ जोड़ता रहा, उसका कहना था कि यह भूमि गप्पू पारदी ने उसे बटिया पर दी है। कर्ज लेकर वह बोवनी कर चुका है। अगर फसल उजड़ी तो बर्बाद हो जाएगा, लेकिन किसान की फरियाद किसी ने नहीं सुनी।

 

IG और SP का तबादला

इस मामले को लेकर विपक्ष के हमलावार होने के बाद शिवराज सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार देर रात ग्वालियर रेंज आईजी (IG) राजाबाबू सिंह, गुना कलेक्टर एस. विश्वनाथन और पुलिस अधीक्षक (SP) तरुण नायक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया.

आईजी पुलिस मुख्यालय में पदस्थ अविनाश शर्मा को ग्वालियर रेंज का नया आईजी और राजेश कुमार सिंह को गुना का नया एसपी बनाया गया है.

सीएम शिवराज ने घटना के दौरान पुलिस की मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी. अधिकारियों के साथ बैठक कर घटना पर सरकार की ओर से लिए जा रहे एक्शन के बारे में जानकारी देते हुए मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं. मामले की जांच करने के लिए एक जांच दल भोपाल से गुना भेजा जाएगा.

 

पीड़ित परिवार पर एफआईआर

ज़मीन के लिए कीटनाशक दवा पीने वाले किसान और उसकी पत्नी के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. कैंट पुलिस ने इस मामले में कीटनाशक पीकर आत्महत्या की कोशिश करने को लेकर किसान रामकुमार अहिरवार, उसकी पत्नी सावित्री बाई, शिशुपाल अहिरवार समेत 7 अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है. इन लोगों के खिलाफ पटवारी ने आवेदन दिया था, जिसमें सभी के ऊपर शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस ने इसी शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.

ज़ी न्यूज़ के मुताबिक गुना कलेक्टर ने घटना की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि नवीन आदर्श महाविद्यालय के लिए ग्राम जगनपुर स्थित भूमि सर्वे नं. 13/1 व 13/4 रकवा कमश 2.090 व 2.090 आरक्षित की गई थी. तहसीलदार ने अतिक्रामक गब्बू पारदी पुत्र गाल्या पारदी, कथित बटाईदार राजकुमार अहिरवार पुत्र मांगीलाल का कब्जा हटाने के लिए बेदखली की कार्रवाई के दौरान 14 जुलाई को पुलिस बल की उपस्थिति में सीमांकन कराया तथा बेदखली की गई. जब कार्रवाई चल रही थी, उसी समय राजकुमार अहिरवार व उसकी पत्नी सावित्रीबाई ने कीटनाशक पी लिया.

 

विपक्ष ने उठाए सवाल

मध्य प्रदेश कांग्रेस की ओर से ट्विटर पर मासूम बच्चों की बिलखते हुए एक फोटो शेयर कर इसे जंगलराज की लज्जित तस्वीर बताया गया. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने भी इस मामले में शिवराज सवाल खड़े किए. कांग्रेस ने ट्विटर पर ‘शिवराज सिंह चौहान इस्तीफा दो’ हैशटैग को टॉप ट्रेंड करवा दिया. मध्य प्रदेश कांग्रेस ने घटना की वायरल ​वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा, ”शिवराज के अहंकार का बेशर्म प्रदर्शन, सिंधिया के क्षेत्र की वारदात. गुना में एक किसान परिवार की शिवराज की पुलिस ने बर्बरता से पिटाई की और महिला के कपड़े फाड़े, आहत किसान ने ज़हर खाया. शिवराज जी, बच्चों की चीख सुनाई पड़ रही है..? इस अंधी, बहरी और गूँगी सरकार का अंत नज़दीक है.”

 

 

गुना में पुलिस द्वारा किसान दंपती की पिटाई का वीडियो और पूरा मामला ट्विटर पर टॉप ट्रेंड कर रहा है। यहां पर लोग सरकार और पुलिस की आलोचना कर रहे हैं।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल करते हुए पूर्व सीएम कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा है. कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ये शिवराज सरकार प्रदेश को कहां ले जा रही है ? ये कैसा जंगल राज है ? गुना में कैंट थाना क्षेत्र में एक दलित किसान दंपत्ति पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों द्वारा इसतरह बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज. यदि पीड़ित युवक का ज़मीन सम्बंधी कोई शासकीय विवाद है तो भी उसे क़ानूनन हल किया जा सकता है, लेकिन इस तरह क़ानून हाथ में लेकर उसकी , उसकी पत्नी, परिजनों और मासूम बच्चों तक की इतनी बेरहमी से पिटाई , यह कहां का न्याय है ? क्या यह सब इसलिए कि वो एक दलित परिवार से है , ग़रीब किसान है ? क्या ऐसी हिम्मत इन क्षेत्रों में तथाकथित जनसेवकों व रसूख़दारों द्वारा क़ब्ज़ा की गयी हज़ारों एकड़ शासकीय भूमि को छुड़ाने के लिए भी शिवराज सरकार दिखाएगी ? ऐसी घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती है. इसके दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई हो , अन्यथा कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी.

 

 

 

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