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एयर इंडिया के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग के फैसले ने कर्मचारियों को टेंशन में डाल दिया है

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Image Credits: National Herald/New Indian Express

July 17, 2020

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सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया ने अपने कुछ कर्मचारियों को छह महीने से लेकर पांच साल तक जबरन छुट्टी पर भेजने की तैयारी कर ली है. कंपनी ने जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी. इस दौरान छुट्टी पर भेजे गए कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जाएगा.

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक एयर इंडिया की इस योजना को हाल में हुई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 102वीं बैठक में मंजूरी दी गई है. बैठक में कंपनी के चेयरमैन राजीव बंसल को यह अधिकार दिया गया है कि वह कुछ कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से बिना वेतन के छह महीने से लेकर पांच साल तक की छुट्टी पर भेज सकते हैं. हालांकि, कर्मचारियों की दक्षता, क्षमता, प्रदर्शन की गुणवत्ता और उनके स्वास्थ्य आदि के आधार पर ही उन्हें छुट्टी भेजने का फैसला लिया जा सकता है. खबर के मुताबिक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मंजूरी मिलने के बाद एयर इंडिया के हेडक्वार्टर और रीजनल हेड को कहा गया है कि वे इस योजना के तहत कर्मचारियों के नाम मुख्यालय को भेजें.

गौरतलब है कि पहले ही कर्ज के संकट से जूझ रही एयर इंडिया को कोरोना वायरस की वजह से करारा झटका लगा है. एयर इंडिया समेत तमाम विमानन कंपनियों की सेवाओं को कोरोना के चलते रोक दिया गया था. हालांकि, मई के अंत में घरेलू उड़ानों के संचालन को थोड़ी-बहुत फिर से छूट दी गई है.

कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए देशभर में लंबे समय तक लॉकडाउन लागू रहा. इस दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी प्रतिबंध रहा. हालांकि, सरकार ने बीती 25 मई से घरेलू यात्री उड़ानें शुरू कर दीं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर अभी भी प्रतिबंध जारी है. यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध के चलते विमानन क्षेत्र की कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है. अब ये सभी कंपनियां आर्थिक संकट से उभरने के लिए नए-नए तरीके ढूंढ रही हैं.

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